महोबा। कोतवाली कुलपहाड क्षेत्र के मंगरौलकला गांव में एक माह पहले भतीजे की सांप के काटने से मौत हो गई थी। अभी तक मौत से परिजन बाहर भी नहीं निकल सके थे कि अब चाचा को भी सांप ने डस लिया। परिजन आनन फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी और फिर जिला अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने हालत गंभीर देख उसे मेडिकल झांसी रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही चाचा ने दम तोड़ दिया।
मंगरौलकला गांव निवासी फूलसिंह (55) बीती रात घर पर सो रहा था, तभी एक सांप ने उसके जांघ में काट लिया। सांप के डंसते ही ग्रामीण की आंख खुल गई और धीरे धीरे उसकी तबियत बिगड़ने लगी, जिससे वह चीखने चिल्लाने लगा। शोर शराबा सुन परिजनों की नींद खुली तो उसने सांप के काटने की बात बताई। परिजन आनन फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी ले गए। डाक्टर ने फूलसिंह का उपचार किया, लेकिन हालत बिगडने पर उसे मेडिकल कालेज झांसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन फूलसिंह को एम्बुलेंस करके झांसी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। इस घटना से परिवार सदमे में है। बताया जाता है कि करीब 20 अगस्त को इसी परिवार के 37 वर्षीय धीरेंद्र सिंह राजपूत की भी सांप के डसने से मौत हुई थी। धीरेंद्र, फूल सिंह का भतीजा था। मात्र 20 दिनों के अंदर भतीजे के बाद चाचा की भी इसी तरह मौत होने से पूरा परिवार दहशत में है। गांव के लोग इस घटना से हैरान हैं। कुछ लोग इसे महज एक संयोग मान रहे हैं, तो कुछ लोग अलग-अलग बातें कर रहे हैं।
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