Breaking News

बिहार के 14 जिलों में बाढ़ से 41 लाख लोग प्रभावित, यूपी के 26 जिले जलमग्न; राजस्थान में फिर बारिश के आसार

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून का असर अभी भी बना हुआ है। बिहार और उत्तर प्रदेश में नदियों के उफान के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बिहार के 14 जिलों की 517 पंचायतों में करीब 41.45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कई गांवों और सार्वजनिक स्थानों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित है। वहीं उत्तर प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब चार लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

बिहार में 14 जिलों में बाढ़, 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुछ जगहों पर पानी कम होने लगा है, लेकिन कई इलाकों में स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। 14 जिलों की 517 पंचायतों में बाढ़ का असर है। राज्य में करीब 41.45 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।

गंगा नदी के जलस्तर में पटना से मुंगेर तक कुछ कमी दर्ज की गई है, जबकि भागलपुर के कहलगांव में जलस्तर बढ़ा है। भागलपुर स्थित तिलकामांझी विश्वविद्यालय परिसर में भी गंगा का पानी पहुंच गया है। ऐसे में शिक्षकों और छात्रों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

बाढ़ के कारण राज्य में बड़ी संख्या में स्कूल बंद किए गए हैं। कई गांवों में सड़क संपर्क प्रभावित होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों में नावों के जरिए लोगों की आवाजाही कराई जा रही है।

यूपी में 26 जिले बाढ़ की चपेट में

उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के 26 जिले बाढ़ प्रभावित हैं और करीब चार लाख लोग इससे प्रभावित बताए जा रहे हैं।

गोंडा में घाघरा नदी के उफान के कारण करीब 30 गांवों की लगभग 25 हजार आबादी बाढ़ से घिर गई है। वहीं बाराबंकी में सरयू नदी का पानी कई घरों तक पहुंच गया है। बरेली में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे स्थित प्राचीन मंदिर भी पानी की चपेट में आ गया।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को उत्तर प्रदेश के 36 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें 22 जिलों में तेज बारिश हो सकती है। प्रदेश में 1 जून से अब तक मानसूनी बारिश का आंकड़ा सामान्य कोटा पूरा कर चुका है।

उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है। नैनीताल, अल्मोड़ा और केदारघाटी समेत कई इलाकों में धुंध छाई हुई है। देहरादून सहित कुछ क्षेत्रों में बारिश और बौछारें दर्ज की गई हैं।

देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है। बागेश्वर-कपकोट मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है।

मध्य प्रदेश में फिलहाल थमा तेज बारिश का दौर

मध्य प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं होने के कारण तेज बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है। बुधवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में धूप रही। गुरुवार को भी मौसम सामान्य रहने की संभावना है।

हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन फिलहाल तेज बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। इटारसी समेत कुछ शहरों में हाल में हुई बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी थी।

राजस्थान में 11 सितंबर से फिर बारिश के आसार

राजस्थान में बुधवार को अधिकांश इलाकों में मौसम साफ रहा और दिनभर धूप निकली। प्रदेश के 10 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने 11 सितंबर से राज्य में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई है। शुक्रवार को पांच जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 12 और 13 सितंबर को भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में बारिश की संभावना है।

कई राज्यों में मौसम का बदला मिजाज

मानसून की सक्रियता के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है। बिहार और यूपी में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं, जबकि उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

दूसरी ओर मध्य प्रदेश में फिलहाल तेज बारिश से राहत मिली है और राजस्थान में अगले कुछ दिनों में फिर बारिश होने की संभावना है। प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

About NW-Editor

Check Also

36 हजार किमी की ऊंचाई से रखेगा नजर, ISRO ने लॉन्च किया EOS-05 इमेजिंग सैटेलाइट

श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता हासिल …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *