उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच कई जिलों में लगातार बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। तेज बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है और कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। लखीमपुर खीरी में नदी के कटान की चपेट में आने से सात मकान बह गए, जबकि बारिश के बीच कमजोर दीवारों के गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
काशी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में भी तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार बरसात के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई जगहों पर लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए पानी भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
नदी किनारे बसे गांवों में बढ़ी चिंता
लगातार बारिश के चलते नदियों के किनारे बसे गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। पानी के तेज बहाव से नदी किनारे की जमीन लगातार कट रही है। लखीमपुर खीरी में कटान के कारण सात मकानों के नदी में बहने की घटना ने आसपास के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो अन्य घरों पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और खतरे की स्थिति में प्रशासन का सहयोग करने की सलाह दी जा रही है।
काशी में तेज बारिश से जलभराव
वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिला। तेज बारिश के कारण कई सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कुछ हिस्सों में जलनिकासी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है।
बारिश के कारण बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भी लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई जगह वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। मौसम में बदलाव के कारण लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन लगातार बारिश ने स्थानीय स्तर पर कई परेशानियां बढ़ा दी हैं।
72 जिलों में अलर्ट, प्रशासन सतर्क
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। करीब 72 जिलों में मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है और लोगों से नदी किनारे तथा जर्जर मकानों से दूर रहने की अपील की गई है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। बिजली गिरने, जलभराव और तेज हवाओं के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कच्चे मकानों और जर्जर दीवारों पर खतरा
लगातार बारिश के कारण कच्चे मकानों, पुरानी इमारतों और कमजोर दीवारों पर खतरा बढ़ गया है। पानी जमीन में जाने से कई जगह दीवारें कमजोर हो रही हैं। ऐसे में बारिश के दौरान इनके अचानक गिरने की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन ने लोगों को जर्जर भवनों के आसपास नहीं रहने की सलाह दी है। ग्रामीण इलाकों में भी लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है।
किसानों की भी बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। जिन क्षेत्रों में खेतों में पहले से पर्याप्त नमी थी, वहां अधिक पानी जमा होने से फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। वहीं नदी और नालों के आसपास के खेतों में कटान की स्थिति किसानों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।
किसानों को खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था करने और फसल की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
अगले कुछ दिनों तक मौसम पर नजर
प्रदेश में मौसम का मिजाज अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। बारिश और बादलों के बीच कई क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
बारिश के दौरान नदी, तालाब, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखना भी जरूरी है।
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