फतेहपुर। विकास भवन सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में किसानों की समस्याओं और मांगों को लेकर जमकर चर्चा हुई। बिजली की लो वोल्टेज समस्या, अधूरे नहर पुल का निर्माण, आलू का उचित मूल्य, खाद-बीज की उपलब्धता समेत खेती-किसानी से जुड़े कई मुद्दे किसानों ने अधिकारियों के सामने उठाए।
अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) विनय पांडेय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों की शिकायतों का महज कागजी निस्तारण न किया जाए, बल्कि मौके पर जाकर समस्या का समाधान कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को किसानों के फोन हर हाल में रिसीव करने और शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उप कृषि निदेशक राम जनम मिश्रा ने बैठक का संचालन करते हुए पिछली किसान दिवस बैठक में आई शिकायतों पर हुई कार्रवाई की जानकारी किसानों को दी। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. रमेश पाठक ने उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आलू उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान सत्र में जिले में आलू खरीद के लिए क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही आलू भंडारण पर शासन द्वारा निर्धारित सब्सिडी भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी नरोत्तम कुमार ने खरीफ सीजन के लिए बीज और उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी दी। वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए शैलेश कुमार ने धान, तिल, ज्वार, बाजरा समेत तिलहनी और दलहनी फसलों में कीटनाशक एवं खरपतवारनाशी रसायनों के संतुलित इस्तेमाल की जानकारी दी।
किसान दिवस में किसानों ने स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। कोरारी निवासी बाबू सिंह ने बहुआ पावर हाउस क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या का समाधान कराने और नया पावर हाउस बनवाने की मांग रखी।
मुसैठपुर निवासी रामसजीवन समेत अन्य ग्रामीणों ने सिठौरा-पट्टीशाह मार्ग पर पड़ने वाले अधूरे नहर पुल का निर्माण पूरा कराने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के कृषकांत मिश्रा ने आलू उत्पादक किसानों की समस्या उठाते हुए उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग की।
किसानों की समस्याएं सुनने के बाद अपर जिलाधिकारी विनय पांडेय ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाकर समस्या का समाधान कराया जाए। तत्काल निस्तारण संभव नहीं होने वाली शिकायतों के लिए निश्चित समय सीमा तय करने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को शिकायत के निस्तारण के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। किसानों के फोन प्रत्येक दशा में रिसीव किए जाएं और उनके द्वारा बताई गई समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए गुणवत्तापूर्ण समाधान कराया जाए।
एडीएम ने कहा कि किसानों की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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