नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 165 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने की बात सामने आई है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। आज 21 भारतीयों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन जुटे हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश का काम भी तेज कर दिया गया है। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा का असर सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी पड़ा है। बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे हैं, जबकि कई इलाकों में संपर्क और आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से लोगों से सावधानी बरतने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
नेपाल सरकार ने प्रभावित जिलों में आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया है। सेना, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक राहत कार्यों में लगे हुए हैं। कई स्थानों पर सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण बचाव दलों को प्रभावित गांवों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को निकालने के लिए नावों और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
भारत सरकार भी नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। लापता भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है और उनके परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षित निकाले गए भारतीयों को आवश्यक मदद देकर उनके घर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में फिर से भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। राहत और बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी प्रभावित लोगों तक मदद नहीं पहुंच जाती।
राहत कार्यों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए मेडिकल टीमों को तैनात किया है। अधिकारियों ने लोगों से दूषित पानी न पीने और भोजन को ढककर रखने की अपील की है। राहत शिविरों में बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त इलाकों का सर्वे शुरू कर दिया है। प्राथमिक आकलन के बाद मकानों, सड़कों, पुलों और बिजली व्यवस्था को हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास सहायता देने की योजना बनाई जा रही है।
कई इलाकों में बिजली और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से लोगों को अपने परिजनों से संपर्क करने में परेशानी हो रही है। बचाव एजेंसियां अस्थायी संचार व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर लोगों से लापता परिजनों की जानकारी दर्ज कराने को कहा है।
सीमा से लगे क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। दोनों देशों के अधिकारी राहत सामग्री, नागरिकों की आवाजाही और आपातकालीन समन्वय को लेकर लगातार जानकारी साझा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाना है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर फिर बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और बिना सूचना के घरों में वापस न लौटने की सलाह दी गई है। উদ্ধার अभियान पूरा होने के बाद ही प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने का काम शुरू किया जाएगा।
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