– शैलेन्द्र साहित्य सरोवर की 413 वीं साप्ताहिक रविवासरीय काव्य गोष्ठी आयोजित
– काव्य गोष्ठी में मौजूद कवि एवं साहित्यकार।
फतेहपुर। शहर के मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 413 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन केपी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे। काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए केपी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना में अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- वीणापाणि सरस्वती, करें तुम्हारा ध्यान। विमल बुद्धि-मन कीजिए, दे रचना का ज्ञान।। डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया- देश वोटरो, अब तो जागो, अपनी थोड़ी बुद्धि लगाओ। नहीं तो फिर पछताना होगा, पथभ्रष्टों को सबक सिखाओ।। राम अवतार गुप्ता ने अपने भावों को मुक्तक में कुछ इस प्रकार पिरोया- सच्चे मन से कर्म करो तुम, यह गीता का ज्ञान। फल की चिंता कभी न करना, फल देगा भगवान।। प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये- धरती मां से अन्न, वस्त्र, जल, मिले खनिज, सब घर-संसार। करके नमन हृदय से बोलो, वंदे मातरम बारंबार।। आगे पुनः पढ़ा- सतत कर्म की प्रेरणा, भव-बंधन से मुक्ति। गीता हमें सिखा रही, कृष्ण बताते युक्ति।। डॉ शिव सागर साहू ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए- अधिकारों के साथ हो, कर्तव्यों का ध्यान। संविधान पालन करें, करें सदा सम्मान।। काव्य गोष्ठी के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने अपने भाव एक मुक्तक के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किये- युक्ति-मुक्ति, अनुराग-त्याग, सब एक साथ सिखलाती। अमर रहे गीता की वाणी, बन जीवन की थाती।। कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया। आयोजक ने आभार व्यक्त किया।

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