Breaking News

तुर्कमान गेट केस में नया मोड़: 30 पत्थरबाजों की पहचान, यूट्यूबर सलमान पर क्या हैं आरोप?

दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा की घटना के मामले की जांच कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापे मार रही है। पुलिस की कई टीमें यूट्यूबर सलमान की तलाश में जुटी हैं। आरोप है कि सलमान ने सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।

घटना में शामिल 30 लोगों की हुई पहचान

इस मामले में पुलिस अब तक 30 लोगों की पहचान कर चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, बॉडी कैमरा और वायरल वीडियो के आधार पर 30 लोगों की पहचान की है। उन्होंने बताया कि पत्थरबाजी की घटना में 30 लोगों की पहचान होने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

यूट्यूबर सलमान की भी तलाश तेज

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि इस मामले में यूट्यूबर सलमान की भी तलाश तेज कर दी गई है। उसने इलाके के लोगों को इकट्ठा होने की कॉल दी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि इलाके के कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए लोगों को जमा होने के लिए उकसाया। इनका मकसद माहौल खराब करना और प्रशासन व पुलिस के काम में बाधा डालना था।

सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से भी हो सकती है पूछताछ

वहीं, पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि तुर्कमान इलाके में हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से भी पूछताछ हो सकती है। पत्थरबाजी की घटना से पहले मोहिबुल्लाह नदवी मौके पर मौजूद थे। दिल्ली पुलिस के बड़े अधिकारियों के अनुरोध के बावजूद वह आसपास ही रहे थे। फिलहाल सूत्रों ने बताया है कि दिल्ली पुलिस जल्द सपा सांसद को जांच में शामिल होने के लिए समन भेजेगी।

बता दें कि दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार सुबह अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर पथराव हुआ है। कथित तौर पर कुछ स्थानीय युवकों ने मस्जिद तोड़ने की अफवाह फैलाई थी, जिससे वहां भीड़ जुटने लगी थी। मौके पर तैनात पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए हालात पर काबू पाया। हालांकि, पत्थरबाजी की घटना में 5 पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे।

मुख्य विवाद: मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन और वक्फ संपत्ति का मसला।

हाईकोर्ट ने 6 जनवरी को सभी पक्षों से चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। MCD ने कहा कि, अतिरिक्त जमीन पर मालिकाना या वैध कब्जे के दस्तावेज नहीं पेश किए गए थे।

हिंसा का कारण और सोशल मीडिया का असर

जानकारी के अनुसार, हिंसा की प्रमुख वजह सोशल मीडिया पर फैलाए गए झूठे पोस्ट थे। एक पोस्ट में दावा किया गया कि, मस्जिद गिराई जा रही है। इस पोस्ट के तुरंत बाद लोग जमा हो गए, पुलिस और MCD कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकने लगे। इसके कारण इलाके में तनाव बढ़ा और कई लोग सड़क पर उतर आए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को नियंत्रण में किया।

सुरक्षा उपाय और प्रशासन की प्रतिक्रिया

हिंसा के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। पुलिस ने जनता से अपील की है कि, अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन लगातार इलाके की निगरानी कर रहा है। अराजकता और हिंसा को रोकने के लिए अर्धसैनिक बल भी तैनात हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

About NW-Editor

Check Also

“दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों से पुलिस की मुठभेड़, फायरिंग के बाद गिरफ्त में आए बदमाश”

नई दिल्ली: दिल्ली में दो अलग-अलग जगह पर फायरिंग की वारदात को अंजाम देकर सनसनी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *