– एपीडा की कार्यशाला में निर्यात बढ़ाने पर मंथन
– किसानों व एफपीओ को दी योजनाओं की जानकारी
– कार्यशाला में मंचासीन अधिकारी व अन्य।
फतेहपुर। जनपद के कृषि उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में शुक्रवार को कृषि भवन सभागार में अहम पहल की गई। एपीडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की ओर से आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में कृषि निर्यात की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक विनोद कुमार ने किया। उन्होंने उपस्थित एफपीओ, एफपीसी, निर्यातकों, कृषकों और अन्य हितधारकों का स्वागत करते हुए कहा कि फतेहपुर के कृषि उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एपीडा के वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय से आए एसोसिएट शुभम राय ने एपीडा की भूमिका, पंजीकरण प्रक्रिया, बायर-सेलर मीट, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों तथा गुणवत्ता प्रमाणन संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति-2019 के तहत भिटौरा ब्लॉक में केला, अमौली में हरी मिर्च तथा भिटौरा और बहुआ में आलू क्लस्टर विकसित किए गए हैं। इन उत्पादों को निर्यात से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। विनोद कुमार ने बताया कि जिले में अब तक तीन कृषि निर्यात क्लस्टरों का गठन हो चुका है और उनके अनुमोदन के लिए प्रस्ताव निदेशालय लखनऊ भेजा जा चुका है। उन्होंने कृषि निर्यात परिवहन अनुदान, क्लस्टर प्रोत्साहन राशि, नई प्रसंस्करण इकाइयों को सहायता, गुणवत्ता परीक्षण एवं प्रमाणन पर मिलने वाली प्रतिपूर्ति योजनाओं की भी जानकारी दी। कार्यक्रम में किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों को योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री वितरित की गई। साथ ही बताया गया कि आलू, केला और हरी मिर्च के निर्यात के लिए निर्यातकों से एमओयू कराने के प्रयास भी तेज किए जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इस मौके पर कृषि विपणन निरीक्षक मनीष प्रताप सिंह, उदित नारायण सिंह, हिमांशु तिवारी, जिला सलाहकार एफपीओ कुंवर सेन गंगवार सहित बड़ी संख्या में कृषक, निर्यातक एवं हितधारक मौजूद रहे।

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