नई दिल्ली: एशिया कप में आज होने वाले भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच को लेकर पूरे देश में सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। पांच महीने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद इस मुकाबले की टाइमिंग को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। शिवसेना (उबाठा), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी समेत तमाम राजनीतिक दलों ने इसकी आलोचना की है। विपक्षी दलों ने इसे पीड़ितों और बॉर्डर पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों का अपमान बताया है।
वहीं पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के व्यवसायी शुभम की पत्नी ने रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच का सार्वजनिक बहिष्कार करने की अपील की है। ऐशन्या ने मैच आयोजित करने के फैसले को बेहद असंवेदनशील बताया और बीसीसीआई पर पीड़ित परिवारों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, बीसीसीआई के लिए उनकी शहादत का कोई मूल्य नहीं है। शायद इसलिए कि उन लोगों ने अपने किसी को नहीं खोया। उन्होंने जनता से सीधे अपील की, ‘‘इस मैच का बहिष्कार करें, इसे टेलीविजन पर न देखें।’’
खेल और खून साथ-साथ कैसे?
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभक्ति का व्यवसायीकरण कर दिया है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा था कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते। अगर खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते, तो खेल और खून साथ-साथ कैसे बह सकते हैं? युद्ध और खेल एक साथ कैसे हो सकते हैं? यह बकवास है।
देशभक्ति का व्यापार..: उद्धव ठाकरे
ठाकरे ने कहा, पीएम मोदी ने देशभक्ति का व्यापार किया है, उन्होंने देशभक्ति का व्यवसायीकरण कर दिया है। और कल वे एक मैच आयोजित कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इससे मिलने वाला पैसा चाहिए; उन्हें दान चाहिए। उन्हें परवाह नहीं कि देश को नुकसान हो या लोग मरें, उन्हें कोई परवाह नहीं। वे बेफिक्री से खेलते रहेंगे और फिर भी हमें देशभक्ति सिखाते रहेंगे।
ओवैसी ने भी किया सवाल
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी भारत-पाकिस्तान के बीच हो रहे मुकाबले को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, असम के मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इन सबसे मेरा सवाल है कि आपमें इतनी ताकत नहीं है कि वह पाकिस्तान जिसने पहलगाम में हमारे 26 नागरिकों को मजहब पूछकर गोली मारी, आप उस पाकिस्तान से क्रिकेट मैच खेलने से इनकार नहीं कर सकते। ओवैसी ने सवाल करते हुए कहा, हम पूछते हैं प्रधानमंत्री से जब आपने कहा खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं हो सकता तो एक क्रिकेट मैच से BCCI को कितने पैसे आएंगे, 2000 करोड़?, 3000 करोड़? हमारे 26 नागरिकों की जान की कीमत ज्यादा है या पैसे, ये बीजेपी को बताना चाहिए। हम उन 26 नागरिकों के साथ कल भी खड़े थे, आज भी खड़े हैं और कल भी खड़े रहेंगे।
आप ने फूंका पुतला
आम आदमी पार्टी ने क्रिकेट मैच के विरोध में दफ्तर में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का पुतला फूंका। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा और कुलदीप कुमार शामिल हुए। इन लोगों ने कहा कि हम इस मैच का विरोध कर रहे हैं और कहना चाहते हैं कि भारत सरकार इस मैच को तुरंत रोके।
खून और क्रिकेट एक साथ नहीं चलेगा…
पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज पाकिस्तान क्रिकेट टीम का पुतला जलाया गया क्योंकि ये वही पाकिस्तानी क्रिकेटर हैं जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के समर्थन में बात की थी। भारद्वाज ने कहा, खून और क्रिकेट एक साथ नहीं चलेगा। ऐसी क्या मजबूरी है कि हमारी बहनों की मांग का सिंदूर मिटाने वालों के साथ क्रिकेट मैच खेला जाए? हम इसका कड़ा विरोध और बहिष्कार करते हैं।’ आप विधायक संजीव झा ने कहा कि मैं बीसीसीआई और आईसीसी में बैठे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से पूछना चाहता हूं कि क्या आप यह अपमान बर्दाश्त करेंगे? आपने एक बार कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, तो खून और क्रिकेट एक साथ कैसे चल सकते हैं? क्यों? क्योंकि यह व्यापार और सत्ता का मामला है?
व्यापार तो चलता रहेगा.. इमरान का BCCI पर तंज
इमरान मसूद ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच पर तंज कसते हुए कहा, “व्यापार तो हर जगह चलता रहेगा। इस सरकार का मकसद यही है कि उसके दोस्तों को व्यापार मिलता रहे। भारत-पाकिस्तान की टीमें नहीं, बल्कि ऐसा लगता है जैसे दोनों देशों की सेनाएं लड़ रही हों। इस रोमांच से मोटी रकम कमाई जा रही है, क्योंकि प्रसारण से भारी मुनाफा होता है।” उन्होंने आगे कहा, “हमारी बहनों का सिंदूर अभी धुला नहीं है, उनके आंसू सूखे भी नहीं हैं और आप मैच खेल रहे हैं। जहां सांस्कृतिक रिश्ते खत्म किए गए, वहां टीवी सीरियल बंद किए गए, लेकिन क्रिकेट का व्यापार चल रहा है।”
आदित्य ठाकरे ने पूछा सवाल
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पहलगाम में हुए कायराना हमले को 6 महीने भी पूरे नहीं हुए। किसी को नहीं पता कि आतंकवादी कैसे घुसे। उसके बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। रक्षा मंत्री ने अचानक हुए युद्धविराम के बाद कहा कि ऑपरेशन सिंदूर रुका है, खत्म नहीं हुआ है।” ठाकरे ने आगे कहा, “पाकिस्तान ने भारत में एशिया कप हॉकी का बहिष्कार किया। यह भी एक बहुपक्षीय टूर्नामेंट था, लेकिन बीसीसीआई पाकिस्तान से खेलने के लिए बेताब है। क्या बीसीसीआई इतना मजबूत है कि वह प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की अवज्ञा कर सके?” ठाकरे ने क्रिकेट बोर्ड से पूछा, “क्या बीसीसीआई को जरा भी शर्म नहीं आती? पहलगाम में मारे गए लोगों या हमारे सशस्त्र बलों के लिए कोई भावना नहीं है?
News Wani
