Breaking News

यूपी में पुलिस पर हमला, साइबर ठगी के आरोपी को भीड़ ने छुड़ाया; कार्रवाई के दौरान मचा हड़कंप.

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में उस समय कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए जब गाजियाबाद साइबर क्राइम पुलिस टीम पर कार्रवाई के दौरान हमला कर दिया गया। मूंढापांडे क्षेत्र में 43 लाख रुपये की साइबर ठगी के एक आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम को न केवल विरोध का सामना करना पड़ा, बल्कि भीड़ ने आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाकर फरार भी करा दिया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले में 25 से अधिक लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

कैसे शुरू हुई पुलिस कार्रवाई

गाजियाबाद कमिश्नरेट की साइबर क्राइम पुलिस टीम एक बड़े आनलाइन ठगी मामले की जांच कर रही थी, जिसमें लगभग 1.01 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी सामने आई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से करीब 43 लाख रुपये मुरादाबाद के मूंढापांडे निवासी राशिद के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस के अनुसार यह खाता साइबर फ्रॉड नेटवर्क में फर्स्ट लेयर अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया गया था, जहां पीड़ितों से ठगी गई रकम सीधे जमा की गई थी। पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर गाजियाबाद साइबर पुलिस टीम आरोपी राशिद को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी।

कार्रवाई के दौरान अचानक भड़की भीड़

जैसे ही पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया, स्थानीय लोगों और परिजनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस टीम को चारों ओर से घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज तथा अभद्र व्यवहार किया। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए भीड़ ने आरोपी को पुलिस की पकड़ से छुड़ाकर मौके से भगा दिया।

पुलिस टीम को मौके से हटाया गया, अतिरिक्त बल पहुंचा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मूंढापांडे पुलिस और अतिरिक्त फोर्स मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करते हुए गाजियाबाद से आई साइबर क्राइम टीम की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। हालांकि तब तक आरोपी फरार हो चुका था, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मामले में एसपी सिटी मुरादाबाद के अनुसार, गाजियाबाद साइबर पुलिस की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

इस एफआईआर में 

* आरोपी राशिद

* उसके भाई शम्मू (सम्मू) और नन्हें

* तथा लगभग 20 से 25 अज्ञात लोग को नामजद किया गया है।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

स्थानीय प्रभावशाली लोगों पर भी जांच की नजर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के भाई के बारे में जानकारी मिली है कि वह स्थानीय स्तर पर जिला पंचायत सदस्य बताया जा रहा है। आरोप है कि उसने अपने समर्थकों और परिजनों के साथ मिलकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और भीड़ को उकसाया। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि जिस बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी, उसे तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है।

इसके साथ ही आरोपी और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी घटना ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और पूरे मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

About NW-Editor

Check Also

आजमगढ़ में SSP का बड़ा एक्शन: 13 पुलिसकर्मी निलंबित, 19 के खिलाफ विभागीय जांच शुरू

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के एसएसपी डॉ अनिल कुमार ने ड्यूटी में लापरवाही और …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *