मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब और गहरा गया है। ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच सऊदी अरब भी खुलकर मैदान में उतर आया है। अमेरिका और सऊदी अरब ने मंगलवार देर रात इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के कई ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हुई, जबकि 32 अन्य घायल हो गए।
अमेरिकी सेना का दावा है कि इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की तैयारी की जा रही थी। वहीं, इस कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी हमला करते हुए जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया।
उधर, व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की करीब 90 मिनट तक बैठक हुई। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।
इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट, इराक, जॉर्डन और सऊदी अरब में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और ड्रोन हमलों के चलते पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
News Wani
