महोबा। झांसी और मध्य प्रदेश के बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित लहचूरा बांध में जलस्तर तेजी से बढ़ गया। बांध का जलस्तर अधिकतम सीमा 182.30 मीटर तक पहुंचने के बाद सिंचाई विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर दो फाटक खोल दिए। इसके जरिए करीब 20,800 क्यूसेक पानी धसान नदी में छोड़ा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार झांसी के सपरारा बांध से करीब 2,500 क्यूसेक और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बानसुजारा बांध से 10 हजार क्यूसेक पानी लहचूरा बांध की ओर छोड़ा गया। इससे बांध में पानी की आवक बढ़ गई और जलस्तर तेजी से अधिकतम सीमा तक पहुंच गया। अतिरिक्त पानी को नियंत्रित करने के लिए धसान नदी में पानी छोड़ा जा रहा है।
इसके साथ ही धसान मुख्य नहर में भी 100 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। नदी में पानी बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने तटीय क्षेत्र के लिलवा, कोटरा, काशीपुरा, धरवार, रिपनौर, नगाराघाट, बीहट, स्योढ़ी और सलैया समेत कई गांवों में अलर्ट जारी किया है।
प्रशासन ने ग्रामीणों और पशुपालकों से धसान नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और बच्चों तथा पशुओं को नदी के आसपास न जाने देने की सलाह दी गई है। स्थानीय स्तर पर नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक धसान नदी का पानी आगे चलकर हमीरपुर क्षेत्र में बेतवा नदी में मिल जाता है। ऐसे में बेतवा नदी के जलस्तर पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। लहचूरा बांध के अवर अभियंता रामआसरे ने बताया कि बांध की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है और सुरक्षा मानकों के तहत अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकाला जा रहा है।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
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