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अमेरिका में शक्तिशाली तूफान का कहर: 170 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, 2 की मौत; 9 लाख घरों की बिजली ठप

फ्लोरिडा, अमेरिका। अमेरिका के दक्षिणी तटीय इलाकों में शक्तिशाली तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। फ्लोरिडा और अलबामा में 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए, मकानों को नुकसान पहुंचा और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। अधिकारियों के अनुसार, तूफान से जुड़ी घटनाओं में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है।

भारी बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। करीब 9 लाख घरों की बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

तीन राज्यों में आपातकाल, लोगों को सुरक्षित रहने की चेतावनी

तूफान के खतरे को देखते हुए फ्लोरिडा, अलबामा और मिसिसिपी में आपातकाल घोषित किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को घर खाली करने और जरूरी सामान तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने फ्लोरिडा और अलबामा की सीमा के पास समुद्र में लगभग 2.1 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई है।

तेज हवाओं के कारण फ्लोरिडा के पैनहैंडल क्षेत्र में कई दुकानें बंद कर दी गईं। सड़कों पर लगे साइनबोर्ड टूटकर गिर गए और कुछ घरों में पानी घुसने की खबरें सामने आईं। एहतियात के तौर पर कई हवाई अड्डों पर उड़ानें रोक दी गईं या उनके संचालन में बदलाव किया गया।

राहत और बचाव के लिए हजारों कर्मी तैनात

प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। फ्लोरिडा में नेशनल गार्ड के लगभग 5 हजार सैनिकों और वायुसेना कर्मियों को तैनात किया गया है। कुछ जेलों से कैदियों को भी सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।

प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटा है। परिवहन सेवाओं पर भी तूफान का असर पड़ा है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें।

अल नीनो से तूफानों के मौसम पर असर

प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति अटलांटिक महासागर में तूफानों के निर्माण को प्रभावित कर सकती है। इस दौरान समुद्र के तापमान और वायुमंडलीय हवाओं में बदलाव के कारण तूफानों के बनने और उनके मजबूत होने की परिस्थितियां बदल जाती हैं।

हालांकि, किसी तूफान की तीव्रता और उसके रास्ते का आकलन करने के लिए समुद्र के तापमान, हवा की गति और वायुमंडलीय परिस्थितियों सहित कई कारकों पर नजर रखी जाती है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा, राहत कार्य और बिजली व्यवस्था बहाल करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

नोट: तूफान से जुड़ी घटनाओं, मृतकों की संख्या और बिजली कटौती के आंकड़ों में आधिकारिक अपडेट के साथ बदलाव हो सकता है।

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