न्यूज़ वाणी ब्यूरो, तिंदवारी, बांदा। तिंदवारी में आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव का समापन प्रभु श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक और भावपूर्ण समारोह के साथ हुआ। इस दौरान पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम का तिलक और आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। समारोह में रामलीला के आयोजन को सफल बनाने वाले सदस्यों, कलाकारों, सहयोगियों और नगरवासियों के योगदान को भी सराहा गया।
गुरु वशिष्ठ के तिलक से शुरू हुआ राज्याभिषेक
समापन समारोह में मंच पर प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक का मनोहारी प्रसंग प्रस्तुत किया गया। परंपरा के अनुसार सबसे पहले गुरु वशिष्ठ ने प्रभु श्रीराम का तिलक किया। इसके बाद रामलीला कमेटी के प्रबंधक हरवंश श्रीवास्तव, अध्यक्ष अनिल लखेरा और जलशक्ति राज्यमंत्री एवं तिंदवारी विधायक रामकेश निषाद के निजी सलाहकार संजय निषाद ने प्रभु की आरती की।
इसके बाद कमेटी के सदस्यों और नगरवासियों ने भी तिलक एवं आरती कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम में संजय निषाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सत्य नारायण इंटर कॉलेज के प्रबंधक मनोज गुप्ता, पूर्व चेयरमैन कृष्ण कुमार शुक्ल, चुनकान शुक्ला, संग्राम सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने समारोह में भाग लिया।
नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायियों और विभिन्न समाचार माध्यमों से जुड़े पत्रकारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
90 श्रीरामकार्यसेवकों को भेंट की गई ‘श्रीराम कृपा पाती’
समारोह का विशेष आकर्षण रामलीला कमेटी के 90 सदस्यों का सम्मान रहा। प्रबंधक हरवंश श्रीवास्तव ने आयोजन में मेहनत, समय और समर्पण देने वाले सदस्यों को ‘श्रीराम कृपा पाती’ स्मृति चिह्न भेंट किए।
इस पहल के माध्यम से उन सभी लोगों के योगदान को सम्मानित किया गया, जिनके सामूहिक प्रयासों से रामलीला की परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है। आयोजन के दौरान कलाकारों, सहयोगियों और पर्दे के पीछे रहकर जिम्मेदारियां निभाने वाले कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
प्रबंधक ने सहयोगियों के प्रति जताया आभार
प्रबंधक हरवंश श्रीवास्तव ने कलाकारों, अतिथियों, पत्रकारों, सहयोगियों और नगर एवं क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामलीला की सफलता किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि सभी के सामूहिक परिश्रम और समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान का उदाहरण देते हुए कहा कि रामकाज में हर व्यक्ति का सहयोग महत्वपूर्ण होता है। इसी भावना के साथ सभी सदस्यों ने मिलकर महोत्सव को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई।
उन्होंने विश्वास जताया कि तिंदवारी की यह सांस्कृतिक परंपरा आने वाले वर्षों में भी इसी तरह श्रद्धा, उत्साह और सामूहिक सहयोग के साथ आगे बढ़ती रहेगी।
रामराज्य के आदर्शों का दिया संदेश
प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक केवल रामलीला का अंतिम प्रसंग नहीं, बल्कि न्याय, करुणा, लोककल्याण और आदर्श शासन का प्रतीक भी है। समारोह के माध्यम से सामाजिक एकता, आपसी विश्वास, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की भावना का संदेश दिया गया।
नगर के रामलीला प्रेमियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संजोने वाला प्रयास बताया। समापन अवसर पर महामंत्री अरविन्द गुप्ता ने सभी अतिथियों, पत्रकारों, कलाकारों, श्रीरामकार्यसेवकों और नगरवासियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि महोत्सव का समापन भले ही हो गया हो, लेकिन प्रभु श्रीराम के आदर्शों और सेवा के संकल्प की यात्रा निरंतर जारी रहेगी।
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