लखनऊ। सिरदर्द होने पर मां ने खाने के लिए दवा दी, लेकिन सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने गलती से चूहे मारने की दवा खा ली। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। चिकित्सकों की निगरानी में छात्रा का इलाज किया जा रहा है। मामले में परिजनों ने बताया कि दवा खाने के बाद छात्रा को परेशानी शुरू हुई, जिसके बाद तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
परिजनों के अनुसार, छात्रा ने घर में रखी दवा को सिरदर्द की सामान्य दवा समझ लिया था। दवा खाने के कुछ समय बाद उसे उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ती देख परिवार के लोग उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे निगरानी में रखा।
चिकित्सकों ने छात्रा के स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, छात्रा की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि पूरी तरह खतरे से बाहर होने के लिए उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों ने परिजनों को सलाह दी है कि घर में रखी सभी दवाओं और जहरीले पदार्थों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
घटना के बाद परिवार ने अन्य लोगों से भी अपील की है कि किसी भी दवा को बिना पहचान के न लें और बच्चों को दवाओं के बारे में जागरूक करें। विशेषज्ञों का कहना है कि चूहे मारने की दवा बेहद जहरीली होती है और इसके सेवन की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है।
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