अजान निवासी 30 वर्षीय सोनू यादव शनिवार शाम अपनी मां रामदुलारी को लेने के लिए बाइक से अपने मामा रामनरेश यादव के गांव सुरजीपुरवा, थाना हरगांव (सीतापुर) गया था। देर शाम वह मां को बाइक पर बैठाकर हरगांव तक लाया और वहां से उन्हें बस में बैठाकर घर के लिए रवाना कर दिया।

इसके बाद सोनू खुद बाइक से हरगांव-कस्ता मार्ग होते हुए घर लौट रहा था। इसी दौरान देर रात हैदरपुर गांव के पास किसी अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची हरगांव पुलिस ने उसे एंबुलेंस से ट्रामा सेंटर ओयल भेजा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

बस में बैठने से बच गई मां की जान

सोनू की मां रामदुलारी हरगांव से बस में बैठकर घर के लिए निकल गई थीं, जिससे उनकी जान बच गई। अगर वह भी बाइक पर होतीं तो हादसा और भी भयावह हो सकता था।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक सोनू अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी विमला देवी, मां रामदुलारी, आठ वर्षीय बेटा अंश और पांच वर्षीय बेटी नैना हैं। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

चार बहनों में इकलौता भाई था सोनू

सोनू चार बहनों में इकलौता भाई था। उसकी तीन बहनों शीला, अंजू और निशा की शादी हो चुकी है, जबकि सबसे छोटी बहन सोनी की शादी अभी होनी बाकी है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है।