लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रभारी विनोद तावड़े ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों, विधान परिषद चुनाव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वाराणसी दौरे को लेकर चर्चा की। इस मुलाकात को प्रदेश में पार्टी की चुनावी रणनीति मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, विनोद तावड़े ने पिछले तीन दिनों के दौरान लखनऊ और वाराणसी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी की तैयारियों और संगठन की स्थिति का जायजा लिया। दौरे के दौरान मिले फीडबैक को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ साझा किया। बैठक में आगामी चुनावों की तैयारियों और संगठन को मजबूत बनाने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सह-प्रभारियों को सौंपी गई चुनावी जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में काम तेज कर दिया है। विनोद तावड़े ने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी और चुनावी तैयारियों को गति देने के लिए सह-प्रभारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
प्रदीप वर्मा को अवध और गोरखपुर, जगदीश पटेल को काशी और कानपुर, अनंत ओझा को ब्रज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा मेधा कुलकर्णी को लखनऊ क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों का उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर संगठन के कामकाज की समीक्षा करना और चुनावी रणनीति को प्रभावी बनाना है।
लखनऊ पहुंचे संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले
इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के भी लखनऊ पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ऐसे समय में उनकी मौजूदगी को प्रदेश की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उनकी यात्रा के एजेंडे को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मायावती ने सर्वे को लेकर उठाए सवाल
दूसरी ओर, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में पार्टी को कमजोर दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी सर्वे कराए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बीएसपी के खिलाफ गलत प्रचार किया जाता रहा है।
मायावती ने 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी पार्टी को कम करके आंका गया था, लेकिन बीएसपी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। उन्होंने समर्थकों से विरोधी दलों के कथित दुष्प्रचार से सावधान रहने और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम करने की अपील की।
चुनाव से पहले बढ़ेगी राजनीतिक सक्रियता
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज करनी शुरू कर दी हैं। भाजपा जहां संगठनात्मक जिम्मेदारियों और क्षेत्रीय समीक्षाओं के जरिए चुनावी प्रबंधन मजबूत करने में जुटी है, वहीं विपक्षी दल भी अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
News Wani
