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टेट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने दिया धरना

– पीएम को ज्ञापन भेजकर पूर्व के नियुक्त शिक्षकों को छूट प्रदान किए जाने की मांग
– बीएसए कार्यालय में धरना देते शिक्षक।
फतेहपुर। टीईटी अनिवार्यता के विरोध में गुरूवार को टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। तत्पश्चात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन भेजकर आदेश के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को छूट प्रदान किए जाने की मांग की। धरने में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह व उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय भी शामिल रहे। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 27 जुलाई 2011 से लागू किया गया है। अधिनियम के अनुसार अधिनियम के प्रभावी होने की तिथि से अथवा उसके उपरान्त नियुक्त होने वाले शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है, जबकि उसके पूर्व में नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा गया है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के द्वारा देश के सभी राज्यों में अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति हेतु टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है जोकि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के साथ सरासर अन्याय है। तत्पश्चात जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट प्रदान करने हेतु अध्यादेश लाकर संसद द्वारा कानून पारित कराने की मांग की। इस मौके पर चम्पा शर्मा, विजय त्रिपाठी, ललतेश त्रिवेदी, श्रद्धा अवस्थी, अरूण कुमार मिश्र, जितेन्द्र वर्मा, अनुराग कुमार मिश्र, हर्षवर्धन सिंह, शैलेन्द्र सिंह भदौरिया, संतोष पटेल, ओमी पाण्डेय, शिवओम सिंह, पंकज बाजपेयी, दिनेश सिंह, योगेन्द्र कुमार, बलराम सिंह, दिग्विजय सिंह, अखिलेश त्रिपाठी, पवन पटेल, अमित त्रिवेदी भी मौजूद रहे।

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