नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पांच मंजिला इमारत ढहने के हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। अचानक इमारत भरभराकर गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान मलबे में फंसे एक छात्र नीरज ने अपने भाई को फोन कर मदद की गुहार लगाई।
नीरज ने फोन पर कहा, ‘भाई, मर रहा हूं… मुझे बचा लो।’ उसकी आवाज सुनकर परिवार के लोगों की घबराहट बढ़ गई। परिजन लगातार उसे हिम्मत देते रहे और बचाव दल से जल्द से जल्द उसे बाहर निकालने की अपील करते रहे।
मलबे में फंसे छात्रों के लिए ये चार घंटे बेहद मुश्किल रहे। अंधेरे और चारों तरफ मलबे के बीच उन्हें हर पल अपनी जिंदगी का डर सता रहा था। बचावकर्मियों ने कैमरों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबे के अंदर फंसे लोगों की लोकेशन पता की और सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद नीरज समेत दो छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाहर आने के बाद दोनों छात्रों ने हादसे के दौरान गुजरे भयावह समय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इमारत गिरने के बाद कुछ समझ में नहीं आया और अचानक चारों तरफ अंधेरा छा गया।
रेस्क्यू किए गए छात्रों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की। हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य लंबे समय तक जारी रहा। मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल ने पूरी सावधानी के साथ अभियान चलाया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत दल की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आसपास के इलाके को खाली कराकर लोगों की आवाजाही रोक दी गई, ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए। अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन अंदर फंसे लोगों की सुरक्षा को देखते हुए हर कदम बेहद सावधानी से उठाया गया।
हादसे के बाद इमारत के निर्माण और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इमारत में लंबे समय से मरम्मत का काम चल रहा था और कई हिस्सों में दरारें भी दिखाई दे रही थीं। हालांकि, हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच टीम यह पता लगाएगी कि इमारत के निर्माण में नियमों का पालन किया गया था या नहीं और क्या किसी तरह की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
अस्पताल में भर्ती छात्रों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों छात्रों को चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। परिजन लगातार अस्पताल में मौजूद हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में मदद की। कई लोग मौके पर पहुंचकर बचावकर्मियों के लिए पानी और जरूरी सामान लेकर आए। हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
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