पटना। बिहार में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य में गंगा समेत 8 प्रमुख नदियां उफान पर हैं। 14 जिलों के 62 प्रखंडों की 491 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन के अनुसार करीब 35.89 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
गंगा के अलावा कोसी, गंडक और घाघरा नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
सारण में जमींदारी बांध टूटने से बढ़ी चिंता
सारण जिले में माही नदी पर बना जमींदारी बांध टूट गया, जिसके बाद आसपास के इलाकों में पानी फैलने से स्थिति और गंभीर हो गई। बांध टूटने के बाद प्रशासन और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
लाखों लोगों पर बाढ़ का असर
बाढ़ के कारण हजारों परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।
गंगा किनारे के इलाकों में बढ़ा खतरा
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर नदी किनारे बसे इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। निचले क्षेत्रों में पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। प्रशासन की टीमें जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी कर रही हैं।
नाव पलटने की घटना में सभी लोग सुरक्षित
भागलपुर के राघोपुर में गंगा नदी में 10 लोगों को ले जा रही एक नाव पानी में समा गई। हालांकि SDRF की टीम ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद नदी में नाव परिचालन को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
फिलहाल बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और तटबंधों की निगरानी बनाए रखने की है।
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