पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में शनिवार को पटना के गांधी मैदान में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में छात्रों और युवाओं के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए परीक्षा रद्द करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन को देखते हुए गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रशासन ने गांधी मैदान के आसपास बैरिकेडिंग की और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
परीक्षा प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि BPSC परीक्षा की प्रक्रिया में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ कथित तौर पर भेदभाव किया गया। उनका दावा है कि परीक्षा और परिणामों को लेकर कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों और युवाओं में असंतोष बढ़ा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जब तक पूरे मामले का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
राजभवन मार्च का ऐलान
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर राजभवन की ओर मार्च करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने BPSC परीक्षा प्रक्रिया को रद्द करने के साथ बिहार के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में सरकार को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गांधी मैदान में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। प्रशासन की कोशिश रही कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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