प्रयागराज। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है।
शनिवार दोपहर केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इलाहाबाद लेवल स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 80.34 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी बिंदु 83.734 मीटर और खतरे का निशान 84.734 मीटर है। वहीं फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.75 मीटर पहुंच गया है।
नैनी में यमुना का जलस्तर 80.88 मीटर दर्ज किया गया है। यहां यमुना का चेतावनी स्तर 83.74 मीटर और खतरे का निशान 84.74 मीटर निर्धारित है। फिलहाल दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन जिस तेजी से पानी बढ़ रहा है, उससे प्रशासन सतर्क हो गया है।
तटवर्ती इलाकों में बढ़ी सतर्कता
जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। कुछ स्थानों पर लोग एहतियातन सुरक्षित जगहों की ओर जाने लगे हैं। पुलिस, राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर संभावित प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी के किनारे और निचले इलाकों में जाने से बचने तथा जरूरी होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले घंटों में तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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