प्रयागराज में लगातार हुई भारी बारिश से कई कॉलोनियों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। करेली समेत कई इलाकों में घरों की पहली मंजिल तक पानी पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर खड़ी कारें और बाइकें डूब गईं। पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज समेत प्रदेश के 25 से अधिक शहरों में सोमवार को बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है।
कानपुर और उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे की बस्तियों में पानी घुस गया है। चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी उफान पर हैं, जबकि वाराणसी में गंगा घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं। कई छोटे मंदिर भी जलमग्न हो गए हैं।
फर्रुखाबाद के 62 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां राहत और आवागमन के लिए नाव व मोटरबोट लगाई गई हैं। वहीं, सीतापुर, रायबरेली समेत कुछ जिलों में बारिश के कारण स्कूल बंद किए गए हैं।
बारिश के कारण कई जगह कच्चे मकान और दीवारें गिरने से हादसे भी हुए। शाहजहांपुर और बाराबंकी में मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हुई, जबकि कौशांबी में कच्चा मकान गिरने से एक गर्भवती महिला घायल हो गई।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से उत्तर भारत में मानसून फिर सक्रिय हुआ है। उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
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