सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। हादसा हलियापुर क्षेत्र में अयोध्या-सुल्तानपुर बॉर्डर के पास हुआ, जहां जवान का पार्थिव शरीर लेकर जा रही तेज रफ्तार एंबुलेंस सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में सेना में तैनात सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह के इकलौते बेटे गौरव सिंह (18), भाई रामसमुझ सिंह (55), रिश्ते के भतीजे राजन सिंह (35) और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
ट्रक में पीछे से घुसी एंबुलेंस
पुलिस के मुताबिक हादसा रविवार सुबह करीब 8:15 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर माइलस्टोन 79.6 के पास हुआ। परिवार के लोग पंचकुला से सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर लेकर देवरिया जा रहे थे।
एंबुलेंस में आगे बैठे गौरव सिंह और चालक जसपाल की मौके पर ही मौत हो गई। चालक का शव स्टेयरिंग में बुरी तरह फंस गया था। पुलिस और रेस्क्यू टीम ने गैस कटर की मदद से एंबुलेंस को काटकर शवों को बाहर निकाला।
पीछे बैठे रामसमुझ सिंह और राजन सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
जवान की मौत के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह सेना में तैनात थे। कुछ समय पहले चंडीगढ़ में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। तीन दिन पहले पंचकुला में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार के लोग उनका पार्थिव शरीर लेकर देवरिया रवाना हुए थे।
परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि जवान के अंतिम सफर में निकली एंबुलेंस ही चार लोगों की जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगी। हादसे की खबर घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
डीएम के सामने फूट पड़ा परिजन का दर्द
हादसे की सूचना पर डीएम इंद्रजीत सिंह और पुलिस कप्तान विनीत जायसवाल मौके पर पहुंचे। परिवार के एक परिजन ने डीएम को देखते ही उन्हें गले लगा लिया और फूट-फूटकर रोने लगा। उसने कहा कि एक ही हादसे में परिवार के कई सहारे खत्म हो गए।
डीएम ने परिजन के कंधे पर हाथ रखकर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
शॉर्टकट के चक्कर में बदला था रास्ता
परिजनों के मुताबिक, परिवार के लोग दो वाहनों से देवरिया जा रहे थे। एंबुलेंस चालक ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रास्ते को शॉर्टकट बताया था। इसके बाद एंबुलेंस ने अपना रास्ता बदल लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एंबुलेंस काफी तेज रफ्तार में थी और अचानक नियंत्रण खोने के बाद खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। पुलिस फिलहाल हादसे की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में चालक को झपकी आने की आशंका भी जताई जा रही है।
सेना के वाहन से आगे निकल गई थीं पत्नी और बेटी
सत्यवान सिंह की पत्नी सरोजिनी सिंह और बेटी दीक्षा भी सेना के वाहन से पार्थिव शरीर के साथ देवरिया आ रही थीं। रास्ते में सेना का वाहन आगे निकल गया और मां-बेटी पहले ही घर पहुंच गईं। इसी दौरान शव लेकर आ रही एंबुलेंस हादसे का शिकार हो गई।
सत्यवान सिंह का बेटा गौरव नीट की तैयारी कर रहा था, जबकि उनकी बेटी दीक्षा चंडीगढ़ से बीटेक की पढ़ाई कर रही है।
थाने में सम्मान के साथ रखा गया पार्थिव शरीर
हादसे के बाद सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर हलियापुर थाने में सम्मान के साथ रखा गया है। चार लोगों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए हैं और हादसे की जांच शुरू कर दी है।
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