तमिलनाडु में थलापति विजय सरकार ने विश्वासमत जीत लिया है. विजय के पक्ष में पड़े 144 वोट. इससे पहले 59 सदस्यीय डीएमके ने विश्वासमत का बहिष्कार किया था. गौरतलब है कि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 का है. टीवीके ने 108 सीटों पर जीत हासिल की है. डीएमके को 59 सीटों पर जीत मिली है. AIADMK ने 47 सीटों पर जीत हासिल की है. कांग्रेस को 5 सीटें मिली हैं. पीएमके को चार सीटों पर विजय मिली थी. ऐसे में डीएमके के बहिष्कार के बाद सदन में बहुमत का आंकड़ा और कम हो गया था. ऐसे में विजय का फ्लोर टेस्ट अब महज औपचारिकता रह गई थी.
बीजेपी रही ‘न्यूट्रल’
फ्लोर टेस्ट के दौरान डीएमके ने न केवल बहिष्कार किया बल्कि वोटिंग से भी दूर रहे. बीजेपी का सदन में केवल एक विधायक है और वो इस प्रक्रिया के दौरान ‘तटस्थ’ की भूमिका में रहे. इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद सीएम विजय ने सदन में विश्वासमत पेश किया था.
दो धड़े में बंटी AIADMK
AIADMK के महासचिव ई के पलनासामी ने विजय सरकार के विश्वासमत का विरोध किया था. हालांकि, पार्टी के विरोधी नेता एस पी वेलुमनी ने टीवीके सरकार के समर्थन का ऐलान किया.
विजय को यूं मिला बहुमत का आंकड़ा
विजय की सरकार को कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, VCK, IUML और AMMK का समर्थन हासिल था. दूसरी तरफ बीजेपी के उधगमंगलम से जीते एकमात्र विधायक भोजराजन एम ने न्यूट्रल रुख अपनाया. गौरतलब है कि राज्य में 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी और 4 मई को नतीजे आए थे. विजय की पार्टी 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी.
टीवीके के समर्थन में AIADMK के विधायक
AIADMK के 24 विधायकों ने विजय सरकार के समर्थन में वोट डाले. वहीं एक AIADMK विधायक वोटिंग से गायब रहे. इसके अलावा 5 विधायक न्यूट्रल रहे. PMK के 4 और बीजेपी के एक विधायक ने न्यूट्रल रुख अपनाया
News Wani
