- सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पुलिस जांच में जुटी
संजीव शर्मा / अनिल यादव
इटावा/सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के ट्रॉमा सेंटर के बाहर मंगलवार को एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। अज्ञात महिला द्वारा एक नवजात शिशु को ट्रॉमा सेंटर के सामने कोने में कचरे के बीच छोड़कर फरार हो जाने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार ट्रॉमा सेंटर परिसर के बाहर लोगों ने नवजात शिशु के पड़े होने की सूचना संस्थान प्रशासन एवं पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची तथा नवजात को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। बाद में संस्थान के स्टाफ द्वारा शिशु को शवगृह में रखवाया गया। घटना के बाद पूरे परिसर में चर्चाओं का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नवजात को जिस स्थान पर छोड़ा गया, वहां पर सामान्य रूप से लोगों की आवाजाही बनी रहती है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ट्रॉमा सेंटर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा गार्डों की तैनाती होने के बावजूद आखिर किस प्रकार महिला नवजात को छोड़कर वहां से चली गई और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में चौबीसों घंटे सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी रहती है, इसके बावजूद ऐसी घटना होना बेहद चिंताजनक है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया। पुलिस द्वारा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि नवजात को छोड़कर जाने वाली महिला की पहचान की जा सके। वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक घटना ने समाज को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं, जहां मासूम बच्चों को जन्म के तुरंत बाद इस तरह बेसहारा छोड़ दिया जा रहा है।
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