उत्तर प्रदेश अब सिर्फ खेती और किसानी का स्टेट नहीं रहा है, बल्कि यह भारत का नया ग्रोथ इंजन बनने की ओर
तेजी से अग्रसर है। मैं नफीस जाफरी आपको यह बता दूं कि बजट से पूर्व आए यूपी इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के मामले में नए कीर्तिमान बना रहा है। चाहे बात राज्य की जीडीपी की हो या प्रतिव्यक्ति आय की, या फिर इंफ्रा को बेहतर बनाने के लिए पूंजीगत खर्चों की, हर जगह राज्य आगे रहा है। यूपी इकोनॉमिक सर्वे से पता चलता है कि पिछले 8 सालों में रजिस्टर्ड कारखानों की संख्या दोगुनी हुई है। बजट लगातार बढ़ता जा रहा है। अब एक नजर डालते हैं कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की तो अगर आप नौकरी करने के बजाय अपना खुद का काम शुरू करना चाहते हैं और दूसरों को रोजगार देना चाहते हैं, तो उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (सीएम युवा योजना) आपके लिए एक बेहतरीन अवसर हो सकती है।
इस योजना को योगी सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया है। मुख्यमंत्री युवा योजना का पूरा नाम मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान है। इसके तहत सरकार युवाओं को अपना बिजनेस शुरू करने के लिए ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का लोन देती है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर बिजनेस से जुड़ी ट्रेनिंग भी उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना के जरिए युवा 5 लाख रुपये तक की परियोजना लागत से अपना काम शुरू कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर साल एक लाख युवाओं को स्वरोजगार मिले और अगले 10 सालों में 10 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए। पहले चरण में 5 लाख रुपये तक की परियोजना को मंजूरी मिलती है, जिसमें
लगभग 4.5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारंटी फ्री लोन दिया जाता है। इस लोन को चुकाने के लिए शुरुआत में 6 महीने की छूट भी मिलती है। जब पहला लोन सफलतापूर्वक चुका दिया जाता है, तो दूसरे चरण में 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत को मंजूरी मिल सकती है। इसमें पहले चरण से अधिक राशि का लोन मिलता है और ब्याज पर करीब 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा सरकार परियोजना लागत का एक हिस्सा मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में भी देती है। इस योजना का लाभ वही युवा ले सकते हैं जो उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हों और जिनकी उम्र 21 से 40 साल के बीच हो। आवेदक का कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है। इसके साथ ही किसी सरकारी प्रशिक्षण योजना से ट्रेनिंग ली हो या किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्किल सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री होनी चाहिए। आवेदक को अपनी कैटेगरी के अनुसार कुछ राशि खुद भी लगानी होती है. जैसे- सामान्य वर्ग को 15 प्रतिशत, ओबीसी को 12.5 प्रतिशत और एससी, एसटी, दिव्यांगजन व पिछड़े वर्ग को 10 प्रतिशत योगदान देना होता है।
सीएम युवा योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसके लिए एमएसएमई पोर्टल पर जाकर
रजिस्ट्रेशन करना होता है। आधार और मोबाइल नंबर से ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद आवेदन फॉर्म भरा जाता हैइसमें व्यक्तिगत जानकारी, बिजनेस प्रोजेक्ट का विवरण और बैंक से जुड़ी जानकारी देनी होती है। साथ ही जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होते हैं। कुल मिलाकर, सीएम युवा योजना उन युवाओं के लिए शानदार मौका है जो खुद का बिजनेस शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं।

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