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पेपर लीक पर लगाम लगाने के लिए बदलेगा परीक्षा सिस्टम, नीलेकणि टास्क फोर्स ने मांगे जनता से सुझाव

नई दिल्ली। देश में लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। सार्वजनिक परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित छह सदस्यीय हाई-पावर्ड टास्क फोर्स ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिक संगठनों से सुझाव मांगे हैं।

टास्क फोर्स का मुख्य फोकस राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं के संचालन, परीक्षा सुरक्षा, पेपर तैयार करने की प्रक्रिया, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर है। सरकार का उद्देश्य ऐसी परीक्षा प्रणाली तैयार करना है, जिसमें पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की गुंजाइश कम से कम हो।

13 सितंबर तक भेज सकेंगे सुझाव

परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर लोग 13 सितंबर 2026 तक अपने सुझाव दे सकते हैं। सुझाव हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भेजने की सुविधा दी गई है। सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल के साथ फोन, वॉट्सऐप और ईमेल के माध्यम से राय देने की व्यवस्था की है।

लोग examreforms-taskforce.dopt.gov.in पर अपने सुझाव भेज सकते हैं। इसके अलावा 1800-180-4747 पर फोन और 7827042830 नंबर पर वॉट्सऐप के जरिए भी राय दी जा सकती है। वॉट्सऐप पर ‘hptf’ लिखकर सुझाव प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

परीक्षा व्यवस्था को तकनीक से किया जाएगा मजबूत

टास्क फोर्स परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, संस्थागत जिम्मेदारी तय करने और छात्रों को होने वाली परेशानियों को कम करने जैसे मुद्दों पर सुझाव जुटा रही है। प्राप्त सुझावों के आधार पर टास्क फोर्स केंद्र सरकार को परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए अपनी सिफारिशें सौंपेगी।

जुलाई में गठित हुई थी टास्क फोर्स

केंद्र सरकार ने जुलाई 2026 में नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया था। इसमें पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो निदेशक तपन डेका, पूर्व इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा को शामिल किया गया है।

टास्क फोर्स के गठन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करना और भविष्य के लिए अधिक भरोसेमंद परीक्षा मॉडल तैयार करना है।

NTA में तीन नए अधिकारियों की नियुक्ति

परीक्षा व्यवस्था में सुधार के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में तीन नए अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। आईपीएस अधिकारी रवि कुमार सिंह और आईएएस अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी. को निदेशक बनाया गया है। वहीं आईआरएस अधिकारी अमित समदरिया को संयुक्त निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।

पेपर लीक पर सरकार ने उठाए कई कदम

पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पहले ही कई कदम उठाने का दावा कर चुकी है। सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान भी किए हैं।

सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल परीक्षा में गड़बड़ी रोकना नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना भी है। नई परीक्षा प्रणाली लागू होने के बाद पेपर तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक सुरक्षा के स्तर को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।

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