लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 47 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं और प्रदेश के 16 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं।
झांसी में बारिश के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। टोडी फतेहपुर क्षेत्र में पथराई नदी में अचानक बाढ़ आने से बस स्टैंड जलमग्न हो गया। कई घरों और दुकानों में करीब 7 से 8 फीट तक पानी भर गया, जिसके चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों और घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ ही घंटों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन और राहत दलों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया।
कानपुर में भी लगातार बारिश के चलते हादसा सामने आया। बोरवेल के ऊपर बनाए गए फर्श के नीचे की मिट्टी बारिश के कारण धंस गई। इसी दौरान एक युवती उसमें गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव दल को सूचना दी। प्रशासन ने खुले बोरवेल और जलभराव वाले स्थानों के आसपास लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
प्रयागराज में भी बारिश का असर देखने को मिला, जहां जॉर्ज टाउन स्थित स्वामी नारायण मंदिर का एक हिस्सा बारिश के दौरान ढह गया। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। राहत की बात यह रही कि तत्काल किसी बड़े जनहानि की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने भवन के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों की आवाजाही रोक दी है और क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कराया जा रहा है।
प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर घरों में पानी घुसने से लोगों को जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
बारिश के कारण कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। कुछ स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई। प्रशासन की ओर से बिजली विभाग और नगर निकायों को जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे टूटे हुए बिजली तारों और तेज बहाव वाले पानी के पास न जाएं।
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और जलभराव को देखते हुए प्रशासनिक अमला स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत शिविरों की व्यवस्था की जा रही है और जरूरतमंद लोगों तक भोजन, पेयजल और दवाइयां पहुंचाने की तैयारी की गई है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने को कहा गया है।
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