देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दिल्ली-NCR में गुरुवार सुबह तेज बारिश के बाद कई सड़कों और अंडरपास में पानी भर गया। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चार दिनों की बारिश के बाद कई इलाकों में पांच फीट तक पानी पहुंच गया, जिससे हॉस्टल खाली कर करीब 2 हजार छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास स्थित 100 से अधिक मंदिरों में पानी घुस गया है। मणिकर्णिका घाट पर जलभराव के चलते छत पर अंतिम संस्कार किए जाने की तस्वीरें सामने आई हैं। वहीं, सोनभद्र में कनहर डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद 14 गेट खोल दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश के सतना, डिंडौरी, पन्ना समेत कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। डिंडौरी में बाढ़ के कारण 12 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। राज्य के पूर्वी हिस्से के पांच जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तराखंड में भी लगातार बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। देहरादून में एहतियातन स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला लिया गया है। हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण कई सड़कें बंद हैं।
बिहार, ओडिशा, असम, झारखंड, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी भारी बारिश और बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। ओडिशा में बाढ़ प्रभावित इलाकों से तीन लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि बिहार में गंडक समेत कई नदियां उफान पर हैं।
इसी बीच मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
रेल और सड़क यातायात पर भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। उत्तर रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द और कुछ के मार्ग में बदलाव किया है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई जगहों पर यातायात बाधित हुआ है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और नदियों व जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। राहत और बचाव दलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है और लगातार निगरानी की जा रही है।
News Wani
