फतेहपुर। दहेज हत्या के मामले में प्रभावी पुलिस पैरवी और वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर अदालत ने दोषी अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चलाए जा रहे अभियान में स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद एएसजे/एफटीसी-02 न्यायालय ने दोषसिद्ध अभियुक्त नजमुल हसन उर्फ नूरुल हसन, निवासी ग्राम दावतीपुर, थाना सुल्तानपुर घोष को धारा 304बी भादवि (वैकल्पिक धारा 302 भादवि) के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
वादी की तहरीरी सूचना के आधार पर थाना सुल्तानपुर घोष में मुकदमा अपराध संख्या 203/21 के तहत धारा 498ए, 304बी भादवि तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने मामले को न्यायालय में विचारण के लिए भेजा था।
मामला न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्यों और विवेचना के तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए मजबूत पैरवी की। वैज्ञानिक विवेचना, साक्ष्यों के सटीक संकलन और प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप अदालत ने अभियुक्त को दोषसिद्ध कर दिया।
सोमवार को एएसजे/एफटीसी-02 न्यायालय ने दोषसिद्ध अभियुक्त नजमुल हसन उर्फ नूरुल हसन को धारा 304बी भादवि तथा वैकल्पिक धारा 302 भादवि के तहत दंडनीय अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
पुलिस की ओर से मामले की पैरवी और मॉनिटरिंग में मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह, कांस्टेबल रोहित राजावत, कांस्टेबल जितेंद्र सिंह और कांस्टेबल विवेक कुमार शामिल रहे।
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