अहमदाबाद: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ आज अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अहमदाबाद में साबरमती आश्रम पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। गांधी आश्रम के नाम से भी मशहूर साबरमती आश्रम की स्थापना महात्मा गांधी ने 1917 में की थी। 1917 से 1930 तक यह गांधीजी का निवास रहा और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख केंद्रों में से एक था। ऐतिहासिक आश्रम में राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देने के बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया। बता दें कि फ्रेडरिक मर्ज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 12-13 जनवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा के लिए पहुंचे हैं।
इसके बाद गांधीनगर में स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में द्विपक्षीय कार्यक्रम होंगे, जहां दोनों नेता भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को हाल ही में 25 वर्ष पूरे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शाम को मोदी महात्मा मंदिर में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच होने वाली वार्ता में शामिल होंगे, जिसके बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज व्यापार और उद्योग जगत के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे, जिसने हाल ही में 25 वर्ष पूरे किए हैं। साथ ही ग्रीन अमोनिया, सबमरीन डील, व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रक्षा-सुरक्षा, साइंस और इनोवेशन पर चर्चा होगी। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ एक बड़ा बिजनेस डेलीगेशन भी भारत आया है, जिसमें 25 बड़ी जर्मन कंपनियों के चीफ एग्जीक्यूटिव शामिल हैं। बता दें कि जर्मनी भारत में 9वां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। भारत-जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार 51.23 अरब डॉलर का है, जो भारत के कुल ईयू व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत है। साल 2024-25 में सेवाओं का व्यापार 16.65 अरब डॉलर रहा। वहीं अप्रैल 2000 से जून 2025 तक 15.40 अरब डॉलर का FDI जर्मनी से भारत आया।
साबरमती आश्रम और काइट फेस्टिवल की 7 तस्वीरें…
साबरमती आश्रम पहुंचने पर पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का स्वागत किया।
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने महात्मा गांधी की तस्वीर पर सूत चढ़ाया।
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने महात्मा गांधी की मूर्ति पर फूल चढ़ाए।
मर्ज ने साबरमती आश्रम की गेस्ट बुक में संदेश लिखा।
साबरमती आश्रम की गेस्ट बुक में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का लिखा नोट।
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने साथ में पतंग उड़ाई।
काइट फेस्टिवल में भारत और जर्मनी की दोस्ती को दर्शाती हुए पतंग भी उड़ाई गईं।
डिफेंस डील पर बन सकती है बात
पीएम मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मुलाकात के दौरान सबसे बड़ी डिफेंस डील पर भी फाइनल मुहर लग सकती है। यह डील करीब 8 अरब डॉलर की होगी। यह डील लंबे समय चल रहे भारत के प्रोजेक्ट-75I के लिये निर्णायक कदम माना जा रहा है। इसके लिए अब इंडियन नेवी ने 2500 टन वजनी टाइप 214NG सबमरीन को चुना है, जो एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक से लैस है। साल 2025 जून में जर्मन कंपनी TKMS और भारत की MDL में एक समझौता हुआ था, जिससे भारत में 6 स्टेल्थ पनडुब्बियों के निर्माण में सहयोग किया जा सके। इस साझेदारी का मकसद जर्मनी की आधुनिक पनडुब्बी डिजाइन और इंजीनियरिंग विशेषज्ञता को MDL के अनुभव और भारत में मौजूद शिपबिल्डिंग ढांचे के साथ जोड़ना है। TKMS सबमरीन की डिजाइन, इंजीनियरिंग और तकनीकी सलाह देगा, जबकि MDL भारत में ही इन पनडुब्बियों का निर्माण और डिलीवरी करेगा। इस डील के पूरा होने से रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया की ताकत बढ़ेगी।
ग्रीन एनर्जी डील पर नजर
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और पीएम मोदी की मुलाकात के दौरान ग्रीन एनर्जी पर भी डील हो सकती है। जर्मनी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अब भारत की ओर देख रहा है। जर्मनी की सरकारी कंपनी यूनिपर भारत से ग्रीन अमोनिया खरीदने की तैयारी में है। ग्रीन अमोनिया का इस्तेमाल ग्रीन हाइड्रोजन बनाने में किया जाता है। यह फॉसिल फ्यूल का एक स्वच्छ और शक्तिशाली विकल्प है। भारत के ग्रीनको ग्रुप के साथ पहले ही एक समझौता हो चुका है। इसके तहत हर साल 2.5 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया की सप्लाई हो सकती है। चांसलर मर्ज की इस यात्रा के दौरान इस डील पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।