चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में गुरुवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सुरक्षा व्यवस्था उस समय चुनौती में पड़ गई, जब पुलिस कस्टडी में युवक की मौत के मामले में न्याय की मांग कर रहे कुछ प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा पार कर उनके काफिले तक पहुंच गए। घटना सचिवालय के पास की बताई जा रही है। पुलिस ने एक दंपती समेत कुल आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय सुबह करीब 10 बजे सचिवालय पहुंचे थे। उनके पहुंचने से पहले फोर्ट सेंट जॉर्ज के पास बड़ी संख्या में लोग जमा थे। इनमें मार्च में पुलिस हिरासत में जान गंवाने वाले युवक आकाश डेलिसन के परिजन भी शामिल बताए गए हैं। प्रदर्शनकारी आकाश की मौत की जांच सीबी-सीआईडी से कराने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
सुरक्षा घेरा तोड़कर काफिले की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए बैरिकेड पार करने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ लोग पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को पार करते हुए मुख्यमंत्री के काफिले की ओर बढ़ गए। प्रदर्शनकारियों के काफिले तक पहुंचने के बाद कुछ समय के लिए वाहनों को रोकना पड़ा।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को पकड़ लिया। पुलिस ने राजेश कन्नन, उनकी पत्नी आनंदी समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ा जा सकता है।
बैरिकेडिंग के दौरान कांस्टेबल घायल
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान एक कांस्टेबल गिरकर मामूली रूप से घायल हो गया। पुलिस ने आरोप लगाया कि राजेश कन्नन बैरिकेड तोड़कर मुख्यमंत्री के काफिले की तरफ दौड़े। उन्हें रोकने पहुंचे कांस्टेबल रामकुमार के सीने पर मुक्का मारने का भी आरोप लगाया गया है।
सीने में दर्द की शिकायत के बाद कांस्टेबल रामकुमार को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया। पुलिस ने पूरे मामले को लेकर हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस कार्रवाई पर परिजनों ने उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि आकाश डेलिसन की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी को लेकर परिजन मुख्यमंत्री से सीधे मिलकर अपनी मांग रखना चाहते थे।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आकाश की मौत की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
विजय की सुरक्षा को लेकर पहले भी उठे सवाल
मुख्यमंत्री विजय को गृह मंत्रालय की ओर से Z+ सुरक्षा प्राप्त है। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा में सेंध की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। जुलाई में करूर दौरे के दौरान एक व्यक्ति बैरिकेड पार कर मुख्यमंत्री के काफिले की ओर बढ़ गया था।
इसके अलावा पिछले साल सितंबर में चेन्नई स्थित मुख्यमंत्री के आवास में एक व्यक्ति के अवैध रूप से प्रवेश करने का मामला सामने आया था। दिसंबर में एयरपोर्ट पर भीड़ के बीच विजय के गिरने की घटना भी हुई थी। इन घटनाओं के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
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