कुलपहाड़/महोबा। नगर के गोंदी चौराहा निवासी रमेशचन्द्र साहू के पुत्र मनोज साहू उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में वाराणसी के गंगा घाट पर तैनात हैं। ड्यूटी के दौरान उनकी बहादुरी और तत्परता ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है। मनोज साहू अब तक गंगा में डूबने वाले 18 लोगों की जान बचाकर उन्हें मौत के मुंह से बाहर निकाल चुके हैं।
गंगा घाट पर तैनाती के दौरान जब भी कोई व्यक्ति नदी में डूबता दिखाई देता है, मनोज साहू बिना अपनी जान की परवाह किए तत्काल बचाव के लिए आगे बढ़ जाते हैं। उनकी त्वरित कार्रवाई और साहस के चलते कई लोगों को नया जीवन मिल चुका है। उनकी इस बहादुरी की चर्चा वाराणसी से लेकर उनके गृह जनपद महोबा तक हो रही है।
मनोज साहू की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ कुलपहाड़ नगर और पूरे महोबा जनपद के लोगों में भी खुशी और गर्व का माहौल है। सीमित साधनों वाले परिवार से निकलकर पुलिस सेवा में पहुंचे मनोज ने अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण और साहस से क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में हुआ सम्मान
मनोज साहू की बहादुरी को देखते हुए 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर उन्हें सम्मानित किया गया। समारोह में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, आईएएस सत्येन्द्र कुमार और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सिपाही मनोज साहू को सम्मान प्रदान कर उनकी हौसला अफजाई की।
सम्मान मिलने के बाद मनोज साहू ने कहा कि पुलिसकर्मी के रूप में लोगों की सुरक्षा करना उनका कर्तव्य है। किसी व्यक्ति की जान बचाने से बढ़कर उनके लिए कोई उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वह पूरी जिम्मेदारी और साहस के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करते रहेंगे।
लोगों के लिए बने प्रेरणा
मनोज साहू की कहानी युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। पुलिस की नौकरी में रहते हुए उन्होंने ड्यूटी को महज जिम्मेदारी न मानकर मानव जीवन की रक्षा को अपना प्राथमिक दायित्व बनाया। गंगा घाट जैसे संवेदनशील स्थान पर उनकी सतर्कता कई परिवारों को अपने प्रियजनों को खोने के दर्द से बचा चुकी है।
कुलपहाड़ के लोगों का कहना है कि मनोज साहू ने अपनी बहादुरी से न सिर्फ पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाया है, बल्कि महोबा की पहचान को भी प्रदेश स्तर पर मजबूत किया है। उनके सम्मानित होने पर क्षेत्रवासियों और परिजनों ने खुशी जताते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
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