हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। करीब 80 वर्षीय वृद्ध महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में 35 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद पीड़िता की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। वृद्ध महिला की मौत के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है तथा पुलिस ने कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए मामले में आवश्यक धाराएं बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना लगभग 35 दिन पहले की बताई जा रही है। आरोप है कि 35 वर्षीय युवक ने घर में अकेली वृद्ध महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया। वारदात के दौरान महिला को गंभीर शारीरिक चोटें भी आईं। घटना के बाद परिजनों ने उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में लगातार उपचार चलता रहा।
इलाज के दौरान महिला की हालत लगातार नाजुक बनी रही। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन लंबे उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। आखिरकार 35 दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। वृद्ध महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब पीड़िता की मृत्यु के बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मृत्यु से जुड़े प्रावधान भी जोड़े जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय अभिलेखों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत से ही मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए थे। मेडिकल परीक्षण, घटनास्थल से मिले सबूत तथा अन्य तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। अब महिला की मृत्यु के बाद जांच को और अधिक गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र प्रस्तुत किया जा सके।
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि परिवार अभी भी इस सदमे से उबर नहीं पा रहा है। उनका कहना है कि जिस महिला ने पूरी जिंदगी परिवार की देखभाल की, उसके साथ इस तरह की अमानवीय घटना हुई, जिसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई तथा शीघ्र न्याय की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में इस प्रकार की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। लोगों का कहना है कि महिलाओं, विशेषकर बुजुर्ग और असहाय महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार का जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।
महिला अधिकारों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि दुष्कर्म जैसी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों से भी जुड़ी हुई हैं। उनका मानना है कि समाज में महिलाओं और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ अपराधियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई भी आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी अपराध में घायल पीड़ित की बाद में उपचार के दौरान मृत्यु हो जाती है और जांच में मृत्यु का संबंध उसी अपराध से स्थापित होता है, तो पुलिस मामले में मृत्यु से संबंधित अतिरिक्त धाराएं जोड़ सकती है। अंतिम निर्णय न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय राय तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी और नियमानुसार आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर महिलाओं, विशेषकर बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। समाज और प्रशासन दोनों के सामने चुनौती है कि ऐसे जघन्य अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा पीड़ित परिवार को समयबद्ध न्याय दिलाया जाए। पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है तथा लोग दोषी को कानून के अनुसार कठोरतम दंड दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
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