पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिहारवासियों के नाम एक खुला संदेश जारी करते हुए राज्य और देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी बात रखी। अपने संदेश में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर प्रभाव डालने और राजनीतिक प्रणाली को असंतुलित करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
राजद के स्थापना दिवस के अवसर पर जारी इस संदेश में लालू प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना सामाजिक न्याय, समानता, धर्मनिरपेक्षता और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने स्थापना काल से ही समाज के कमजोर वर्गों, किसानों, मजदूरों, युवाओं और गरीबों की आवाज़ उठाती रही है तथा भविष्य में भी इसी विचारधारा के साथ आगे बढ़ती रहेगी।
अपने संदेश में लालू प्रसाद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान समय में देश की राजनीतिक व्यवस्था को योजनाबद्ध तरीके से प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती स्वतंत्र संस्थाओं पर निर्भर करती है, लेकिन उनका आरोप है कि कई संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है जब सभी संस्थाएं निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से कार्य करें।
राजद प्रमुख ने अपने संदेश में संविधान की मूल भावना को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक तथा राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए समाज के बीच सक्रिय भूमिका निभाएं।
लालू प्रसाद ने बिहार की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की जनता हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की पक्षधर रही है। उन्होंने दावा किया कि राजद ने अपने राजनीतिक सफर में गरीबों, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में भी जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी।
उन्होंने युवाओं, किसानों और मजदूरों से संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे मुद्दों को राजनीति के केंद्र में लाना समय की मांग है। उनके अनुसार राजनीतिक दलों का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए।
राजद स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी के विभिन्न जिला और प्रदेश कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां कार्यकर्ताओं ने पार्टी के इतिहास, उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। कई स्थानों पर वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने और आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू प्रसाद का यह संदेश आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी रणनीति के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि भाजपा की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है। राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज हैं और आने वाले दिनों में इस पर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
राजद स्थापना दिवस के अवसर पर जारी संदेश के माध्यम से लालू प्रसाद ने एक बार फिर सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को अपनी राजनीति का प्रमुख आधार बताया। वहीं उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहकर पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संगठित प्रयास करने का आह्वान किया।
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