पटना। खान ग्लोबल स्टडीज के डायरेक्टर फैजल खान, जिन्हें छात्र समुदाय में ‘खान सर’ के नाम से जाना जाता है, की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।
इससे पहले 30 जून को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने फैजल खान के सुरक्षा गार्डों के हथियारों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने अदालत में दावा किया था कि खान सर के दोनों सुरक्षा गार्डों के पास अवैध हथियार थे। वहीं बचाव पक्ष ने इस दावे का विरोध करते हुए कहा था कि दोनों हथियार विधिवत लाइसेंसी हैं और उनके लाइसेंस संबंधी दस्तावेज पहले ही पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद मौआर ने अदालत को बताया था कि सुरक्षा गार्डों के हथियार पूरी तरह वैध हैं तथा पुलिस जांच के दौरान उनके लाइसेंस और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले चुकी है। इसके बावजूद अदालत ने दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए 3 जुलाई की सुनवाई तय की थी, जो अब न्यायाधीश के अवकाश के कारण 7 जुलाई तक के लिए टाल दी गई है।
यह मामला 2 जून की रात हुई एक विवादित घटना से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार उस रात खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर के बाहर पथराव और मारपीट की घटना हुई थी। जांच में यह आरोप सामने आया कि स्थिति बिगड़ने के दौरान सुरक्षा गार्डों ने चार राउंड फायरिंग की। पुलिस का दावा है कि यह फायरिंग दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा गार्डों ने कथित तौर पर फैजल खान के निर्देश पर गोली चलाई थी। इसी आधार पर पहले से दर्ज प्राथमिकी में बाद में खान सर का नाम भी आरोपी के रूप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्होंने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की।
मामले में इससे पहले ज्ञान बिंदु संस्थान के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी। इस पूरे विवाद को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते रहे हैं, जबकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच जारी होने की बात कह रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि 7 जुलाई की सुनवाई इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अदालत के समक्ष हथियारों के दस्तावेज, पुलिस जांच और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल सभी पक्ष अगली सुनवाई की तैयारी में जुटे हैं और पूरे मामले पर शिक्षा जगत के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर बनी हुई है।
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