महराजगंज। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में लंबे समय से दहशत का कारण बना तेंदुआ अब सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। वन विभाग की टीम ने चिकित्सकीय जांच और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद तेंदुए को जंगल में छोड़ा। इसके बाद लखीमपुर क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली, जहां पिछले कुछ समय से तेंदुए की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल था। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए को पकड़ने के बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच में उसके स्वस्थ पाए जाने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने का निर्णय लिया गया। इसके लिए सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य के ऐसे क्षेत्र का चयन किया गया, जहां वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है और मानव आबादी से पर्याप्त दूरी बनी रहती है।
लंबे समय से बना हुआ था दहशत का माहौल
लखीमपुर खीरी के कई गांवों में तेंदुए की गतिविधियों की लगातार सूचना मिल रही थी। ग्रामीणों का कहना था कि तेंदुआ खेतों और आबादी के आसपास दिखाई देता था, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ था। एहतियात के तौर पर लोग शाम ढलने के बाद घरों से निकलने से बच रहे थे और बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजा जा रहा था। वन विभाग को लगातार सूचना मिलने के बाद विशेष टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और अभियान चलाकर तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया।
चिकित्सकीय जांच के बाद जंगल में छोड़ा गया
वन अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए की स्वास्थ्य जांच करने के बाद यह सुनिश्चित किया गया कि वह पूरी तरह स्वस्थ है और जंगल में स्वतंत्र रूप से रहने में सक्षम है। इसके बाद निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उसे सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ना संरक्षण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे एक ओर वन्यजीव सुरक्षित रहते हैं तो दूसरी ओर मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आती है। ग्रामीणों ने जताई राहत तेंदुए के पकड़े जाने और दूसरे वन क्षेत्र में छोड़े जाने की जानकारी मिलने के बाद लखीमपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत व्यक्त की। लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वे लगातार भय के माहौल में रह रहे थे। अब स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि भविष्य में किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे तो स्वयं उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम आवश्यक कार्रवाई कर सके।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने लोगों से जंगलों और वन्यजीवों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव से बचने के लिए जागरूकता और समय पर सूचना देना सबसे प्रभावी उपाय है। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए निगरानी जारी रहेगी। तेंदुए को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने के बाद वन विभाग ने पूरे अभियान को सफल बताया है। वहीं, लखीमपुर के ग्रामीण अब सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।
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