लखनऊ। पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अब पार्टी की निगाह पूरी तरह से उत्तर प्रदेश पर है। पहले मंत्रिमंडल विस्तार होगा, जिसके बाद प्रदेश इकाई एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। बंगाल में भाजपा की सरकार के बाद अब में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार की तैयारी है। इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार देर शाम जन भवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार के लिए राज्यपाल का समय लेंगे। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने को लेकर बेहद गंभीर है। माना जा रहा है कि पार्टी इसी महीने में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही प्रदेश सगंठन के सभी पदों को भरेगी। इसके साथ ही सहयोगी दलों के नेताओं को विभन्न निगमों में खाली अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के पदों पर नामित करेगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज शाम को 6:30 बजे उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से जन भवन में मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की इस मुलाकात के उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारे में बेहद खास मायने है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल की मुलाकात से उत्तर प्रदेश में शीघ्र ही योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना तेज हो गई है। राज्यपाल भी बीते दिनों लखनऊ से बाहर थीं और गुरुवार को ही शहर में लौटी हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की आज शाम को होने वाली मुलाकात उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद खास है। पार्टी अब पूरी ताकत से सबसे बड़े राजनीतिक राज्य उत्तर प्रदेश की चुनावी तैयारी में जुटेगी। कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने के लिए प्रदेश संगठन एवं टीम योगी में कई परिवर्तन किया जाना है। पिछले साल दिसंबर में केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को यूपी का अध्यक्ष बनाया गया।
योगी आदित्यनाथ 25 मार्च 2022 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी दूसरी पारी संभाल रहे हैं। उनके मंत्रिमंडल में अभी छह नए चेहरों के साथ विस्तार संभावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी हैं। इनके साथ कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्य मंत्री के रूप में कुल 53 मंत्री शामिल हैं। अब पार्टी विस्तार कर प्रदेश के 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए रणनीतिक संतुलन बनाएगी।

राज्यपाल आनंदीबेन से मिलेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ
नए चेहरों को मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह
माना जा रहा है कि भाजपा आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और जातीय संतुलन बनाने की तैयारी कर रही है। मंत्रिमंडल में दो ब्राह्मण नेताओं को जगह दी जा सकती है। इसके अलावा दो पिछड़ा वर्ग के नेताओं को भी मंत्री बनाया जा सकता है। पार्टी एक दलित और एक महिला चेहरे को भी कैबिनेट में शामिल कर हर वर्ग तक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है। भाजपा की कोशिश है कि सभी समुदायों को प्रतिनिधित्व देकर चुनाव से पहले मजबूत संदेश दिया जाए।
लखनऊ में 11 व 12 को बड़ी बैठक कर सकती है भाजपा
भारतीय जनता पार्टी संगठन भी चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत के साथ जुट गया है। 11 व 12 मई को लखनऊ में बड़ी बैठक प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष शामिल होंगे। बैठक में आगामी रणनीति, संगठन की मजबूती और चुनावी अभियान को लेकर चर्चा की जाएगी। बीजेपी महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने पर भी खास ध्यान दे रही है। पार्टी इसे आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
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