नई दिल्ली। भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में से एक दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए सेंट्रल जोन की टीम का ऐलान कर दिया गया है। टीम की कमान मध्य प्रदेश के अनुभवी बल्लेबाज रजत पाटीदार को सौंपी गई है। चयनकर्ताओं ने इस बार अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के संतुलित मिश्रण पर भरोसा जताया है। टीम में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके रिंकू सिंह, बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे और तेज गेंदबाज यश ठाकुर को भी जगह मिली है।दलीप ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट का एक अहम टूर्नामेंट माना जाता है, जहां शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खुलते हैं। ऐसे में सेंट्रल जोन की इस टीम पर क्रिकेट प्रशंसकों और चयनकर्ताओं की खास नजर रहेगी।
रजत पाटीदार को मिली बड़ी जिम्मेदारी
सेंट्रल जोन की कप्तानी रजत पाटीदार को सौंपे जाने को चयनकर्ताओं का भरोसा माना जा रहा है। पाटीदार पिछले कुछ वर्षों में घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। मध्य प्रदेश की ओर से खेलते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं और टीम को कई मुकाबलों में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।अपनी तकनीकी बल्लेबाजी और शांत नेतृत्व शैली के लिए पहचाने जाने वाले पाटीदार से इस बार भी टीम को बड़ी उम्मीदें होंगी। उनके सामने न केवल बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन करने की चुनौती होगी, बल्कि युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर टीम को खिताब की दौड़ में बनाए रखने की जिम्मेदारी भी होगी।
रिंकू सिंह पर रहेंगी निगाहें
भारतीय टीम के लिए सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके रिंकू सिंह भी सेंट्रल जोन की टीम का हिस्सा हैं। रिंकू अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और दबाव में मैच खत्म करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।दलीप ट्रॉफी जैसे लंबे प्रारूप के टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि वह बड़ी पारियां खेलने में सफल रहते हैं तो राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी और मजबूत कर सकते हैं।
स्पिन विभाग की कमान मजबूत
सेंट्रल जोन के स्पिन आक्रमण में इस बार काफी विविधता देखने को मिलेगी। मध्य प्रदेश के सारांश जैन और हर्ष दुबे के साथ उत्तर प्रदेश के लेग स्पिनर जीशान अंसारी टीम के स्पिन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।हर्ष दुबे एक उपयोगी स्पिन ऑलराउंडर के रूप में जाने जाते हैं और बल्ले से भी महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखते हैं। वहीं सारांश जैन घरेलू क्रिकेट में अपनी लगातार प्रभावशाली गेंदबाजी के कारण चयनकर्ताओं का भरोसा जीत चुके हैं।
जीशान अंसारी की वापसी पर नजर
उत्तर प्रदेश के युवा लेग स्पिनर जीशान अंसारी भी इस टीम का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए टीम के साथ खेलते हुए लगभग पांच वर्षों बाद रेड-बॉल क्रिकेट में वापसी की थी।उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और अब उन्हें दलीप ट्रॉफी में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। यदि जीशान इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो भविष्य में राष्ट्रीय टीम के लिए भी उनकी दावेदारी मजबूत हो सकती है।
तेज गेंदबाजी में यश ठाकुर से उम्मीदें
तेज गेंदबाजी विभाग में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके यश ठाकुर सबसे अनुभवी चेहरों में शामिल हैं। नई गेंद से विकेट निकालने और लंबे स्पैल डालने की उनकी क्षमता टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी।घरेलू क्रिकेट में यश ठाकुर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते रहे हैं। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि वह दलीप ट्रॉफी में भी अपनी लय बरकरार रखेंगे और विपक्षी बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश करेंगे।
युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन
सेंट्रल जोन की टीम में चयनकर्ताओं ने अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलित मिश्रण तैयार किया है। टीम में ऐसे खिलाड़ी शामिल किए गए हैं जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव भी रखते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि इस संतुलन से टीम को पूरे टूर्नामेंट में मजबूती मिलेगी। बल्लेबाजी, स्पिन और तेज गेंदबाजी—तीनों विभागों में टीम संतुलित दिखाई दे रही है।
चयनकर्ताओं की नजर राष्ट्रीय टीम के संभावित खिलाड़ियों पर
दलीप ट्रॉफी लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने वाला महत्वपूर्ण मंच रही है। इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अक्सर इंडिया-ए और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का मौका मिलता है।इसी वजह से इस बार भी चयनकर्ताओं की नजर कई खिलाड़ियों पर रहेगी। रजत पाटीदार, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, सारांश जैन, यश ठाकुर और जीशान अंसारी जैसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
घरेलू क्रिकेट के नए सत्र का अहम टूर्नामेंट
दलीप ट्रॉफी को भारतीय घरेलू क्रिकेट सत्र की महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में गिना जाता है। यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप में अपनी क्षमता साबित करने का अवसर देता है। कई युवा खिलाड़ी इस मंच का उपयोग कर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे हैं।क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार भी टूर्नामेंट में कई नए सितारे उभरकर सामने आ सकते हैं। सेंट्रल जोन की टीम कागजों पर मजबूत नजर आ रही है और उससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अब सभी की नजरें टूर्नामेंट के आगाज पर टिकी हैं। कप्तान रजत पाटीदार के नेतृत्व में सेंट्रल जोन की टीम किस तरह प्रदर्शन करती है और कौन से खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित करते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
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