Breaking News

BLA में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन, बशीर जेब की छुट्टी से मची हलचल; सैन्य रणनीति और महिला हमलावरों को लेकर बढ़े थे मतभेद

क्वेटा। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। संगठन ने अपने शीर्ष कमांडर बशीर जेब को पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर नया कमांडर नियुक्त होने तक संगठन की जिम्मेदारी सीनियर कमांड काउंसिल को सौंपी गई है। इस फैसले के बाद संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों और सैन्य रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

BLA के प्रवक्ता जियान्द बलोच ने नेतृत्व परिवर्तन की पुष्टि की है। संगठन की ओर से 3 नवंबर को जारी बयान के मुताबिक, बशीर जेब से प्रशासनिक, सैन्य और नीतिगत फैसले लेने के अधिकार वापस ले लिए गए हैं। अब ये सभी जिम्मेदारियां वरिष्ठ कमांडरों की परिषद संभालेगी।

बताया गया है कि 16 अक्टूबर को हुई संगठन की शीर्ष समितियों की बैठक में यह फैसला लिया गया था। संगठन ने इसे अपने संवैधानिक नियमों के तहत सामान्य नेतृत्व परिवर्तन बताया है। हालांकि, बशीर जेब को हटाने की वास्तविक वजह और उनके वर्तमान ठिकाने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

ऑपरेशन की नाकामी से संगठन में बढ़ी नाराजगी

बशीर जेब को हटाए जाने के पीछे ऑपरेशन हेरोफ-2 को लेकर उठे सवालों को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 31 जनवरी 2026 को शुरू किए गए इस अभियान में BLA ने बलूचिस्तान के कई इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था।

हालांकि, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में संगठन को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसी के बाद BLA के शीर्ष कमांडरों के बीच सैन्य रणनीति को लेकर मतभेद बढ़ने की चर्चा है।

बड़े सैन्य अभियानों को लेकर कमांडरों में मतभेद

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बशीर जेब और संगठन की मजीद ब्रिगेड से जुड़े कमांडर कैप्टन रहमान गुल के बीच सैन्य रणनीति को लेकर मतभेद पैदा हो गए थे। रहमान गुल ने बड़े स्तर पर एक साथ लड़ाकों को तैनात करने की रणनीति पर सवाल उठाए थे।

बताया जाता है कि संगठन के कुछ कमांडर इस रणनीति के बजाय छोटे समूहों में गतिविधियां संचालित करने के पक्ष में थे। उनका मानना था कि बड़े अभियानों में एक साथ बड़ी संख्या में लड़ाकों के शामिल होने से संगठन को अधिक नुकसान उठाना पड़ा।

एक सप्ताह में 215 लड़ाकों के मारे जाने का दावा

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में BLA को हुए नुकसान को लेकर भी अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) के अनुमान के मुताबिक, अभियान के बाद एक सप्ताह के भीतर संगठन के कम से कम 215 लड़ाके मारे गए थे। वहीं, संगठन की ओर से 96 लड़ाकों की मौत स्वीकार किए जाने का दावा किया गया है।

इन आंकड़ों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, लेकिन भारी नुकसान के बाद संगठन की रणनीति पर सवाल उठने की बात सामने आई है।

महिला आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल

BLA की रणनीति में महिला आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल भी विवाद का विषय बना। संगठन की मजीद ब्रिगेड में महिलाओं की भागीदारी को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, संगठन के भीतर कुछ लोगों का मानना था कि आत्मघाती हमलों में महिलाओं को शामिल करने से बलोच आंदोलन की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित हुई। इन घटनाओं के कारण संगठन को बलूचिस्तान के बाहर मिलने वाले समर्थन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि हिंसक गतिविधियों और आत्मघाती हमलों के बढ़ने से किसी भी अलगाववादी आंदोलन की राजनीतिक स्वीकार्यता प्रभावित हो सकती है।

फरवरी से ही कमजोर पड़ने लगा था बशीर जेब का प्रभाव

उपलब्ध रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बशीर जेब की संगठन में भूमिका फरवरी 2026 से ही सीमित होने लगी थी। धीरे-धीरे उन्हें बड़े फैसलों की प्रक्रिया से अलग किया जाने लगा और दूसरे वरिष्ठ कमांडरों का प्रभाव बढ़ता गया।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। BLA ने अपने आधिकारिक बयान में आंतरिक विवाद या सैन्य अभियान की नाकामी को नेतृत्व परिवर्तन का कारण नहीं बताया है।

बशीर जेब के नेतृत्व में हुए कई बड़े हमले

बशीर जेब के नेतृत्व के दौरान BLA ने पाकिस्तान में कई बड़े हमलों की जिम्मेदारी ली थी। इनमें चीनी नागरिकों, सरकारी प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

  • नवंबर 2018, कराची: चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमला हुआ, जिसमें चार लोगों की मौत हुई।
  • मई 2019, ग्वादर: पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल पर हमला किया गया, जिसमें पांच लोगों की जान गई।
  • जून 2020, कराची: पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर हमला हुआ, जिसमें पांच लोगों की मौत हुई।
  • अगस्त 2021, ग्वादर: चीनी नागरिकों के काफिले को निशाना बनाया गया।
  • मार्च 2024, ग्वादर: ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स पर हमला किया गया।
  • मार्च 2024, तुरबत: पाकिस्तानी नौसेना के पीएनएस सिद्दीकी एयर बेस पर हमला हुआ।
  • मार्च 2025, बलूचिस्तान: जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को रोककर यात्रियों को बंधक बनाने की घटना सामने आई।

BLA के इन हमलों ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था के सामने लगातार चुनौतियां खड़ी की हैं। ऐसे में बशीर जेब को शीर्ष पद से हटाए जाने के फैसले को संगठन के भविष्य और उसकी रणनीति में संभावित बदलाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

About NW-Editor

Check Also

पाकिस्तान को शुरुआती झटके, बाबर आजम 34 रन बनाकर आउट; इंग्लैंड के जो रूट के पास इतिहास रचने का मौका

रावलपिंडी: पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे वनडे मुकाबले में पाकिस्तान की …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *