लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक 27 वर्षीय कैफे संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की मां ने बेटे की मौत को हादसा मानने से इनकार करते हुए उसकी गर्लफ्रेंड और उससे जुड़े लोगों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
मृतक की पहचान शिवा शर्मा के रूप में हुई है। वह लखनऊ में कैफे चलाता था और बालू अड्डे के पास स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में हुई घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसकी मां रंजना शर्मा के मुताबिक, शुक्रवार रात उन्हें फोन पर शिवा के दुर्घटना में घायल होने की सूचना दी गई। उन्हें बताया गया कि बेटे को हजरतगंज से राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया जा रहा है।
परिजन अस्पताल पहुंचे तो शिवा वहां नहीं मिला। काफी देर तक तलाश करने के बाद जानकारी मिली कि उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले जाया गया है। परिजन जब उसे भर्ती कराने पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मां ने लगाए मारपीट और प्रताड़ना के आरोप
रंजना शर्मा का आरोप है कि उनके बेटे के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। उन्होंने दावा किया कि शिवा की आंखों और जबड़े में चोट थी। नाक और कान से खून निकल रहा था। इसके अलावा, उसकी टांग और पसलियां टूटने तथा शरीर पर जलने और खरोंचों के निशान होने की बात भी कही गई है।
परिजनों को आशंका है कि शिवा के साथ मारपीट की गई और बाद में उसे चौथी मंजिल से गिराया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही चल सकेगा।
कई महीनों से परेशान करने का आरोप
मृतक की मां ने रश्मि दुबे और श्रद्धा दुबे नाम की युवतियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पिछले चार से पांच महीनों से उनके बेटे को परेशान किया जा रहा था। उनका कहना है कि शिवा को मारपीट, झूठे आरोपों और सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकियां दी जाती थीं।
रंजना के मुताबिक, घटना से करीब छह-सात दिन पहले भी एक युवती उनकी दुकान पर पहुंची थी। आरोप है कि उसने बेटे को सौंपने की मांग करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। परिजनों ने यह भी दावा किया कि आरोपी पक्ष के लोग उनके घर और दुकान के आसपास नजर रख रहे थे।
एंबुलेंस और ड्राइवर को लेकर भी उठाए सवाल
परिजनों ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर एंबुलेंस के पास मौजूद एक ड्राइवर उन्हें देखकर वहां से चला गया। परिवार का कहना है कि शिवा को अस्पताल पहुंचाने के दौरान काफी समय बीत गया और उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में उसकी तलाश करनी पड़ी।
रंजना शर्मा ने घटना से एक दिन पहले वाहन की चाबी लेकर गाड़ी ले जाने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया है। इन सभी घटनाओं की जांच की मांग करते हुए उन्होंने पुलिस से संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल करने को कहा है।
निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग
शिवा की मां का कहना है कि वे मामले में शिकायत देने के लिए पुलिस थानों के चक्कर लगा रही हैं। उन्होंने पुलिस से लिखित शिकायत पर कार्रवाई करने, एफआईआर दर्ज करने और बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल, युवक की मौत के मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि शिवा चौथी मंजिल से दुर्घटनावश गिरा था या घटना के पीछे कोई आपराधिक साजिश थी। जांच के निष्कर्ष और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
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