केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अमेरिका के दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इन तस्वीरों को अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेजों से जोड़ा जा रहा है। तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने पुरी के पुराने बयानों को लेकर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर सवाल किया कि जब हरदीप सिंह पुरी का कहना था कि उनकी मुलाकातें एपस्टीन से प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं और वे कभी अकेले नहीं मिले, तो सामने आई तस्वीरों का क्या मतलब है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी तस्वीरों में अन्य प्रतिनिधिमंडल सदस्यों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए।
अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों में तस्वीरें होने का दावा
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुरी और एपस्टीन की तस्वीरें अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में शामिल बताई जा रही हैं। संबंधित फाइल का नाम EFTA01191294 बताया गया है। तस्वीरों में दोनों एक साथ बैठे दिखाई देते हैं। हालांकि, केवल तस्वीरों के आधार पर मुलाकात की पूरी परिस्थितियों या उसके उद्देश्य के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
पुरी ने मुलाकातों को बताया था पेशेवर
इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने एपस्टीन से अपने संपर्क को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बताया था कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले उनकी एपस्टीन से मुलाकात हुई थी।
पुरी के अनुसार, वे इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) से जुड़े प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पेशेवर बताया और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था। पुरी ने यह भी बताया था कि IPI में उनके वरिष्ठ अधिकारी टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।
पुराने ईमेल भी रहे हैं चर्चा में
एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों और ईमेल में हरदीप सिंह पुरी के नाम का उल्लेख पहले भी सामने आने की बात कही गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ ईमेल में वर्ष 2015 से 2017 के बीच न्यूयॉर्क में मुलाकातों का जिक्र है। इन संपर्कों को लेकर पुरी पहले ही अपना पक्ष रख चुके हैं और मुलाकातों को पेशेवर संदर्भ में बताया है।
एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में किसी व्यक्ति का नाम या तस्वीर सामने आना अपने आप में किसी अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। ऐसे मामलों में दस्तावेजों का पूरा संदर्भ और संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण होता है।
कौन था जेफ्री एपस्टीन?
जेफ्री एपस्टीन अमेरिका का एक धनी फाइनेंसर था, जिसके कई प्रभावशाली लोगों से संपर्क थे। वर्ष 2008 में उसे नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया गया था। वर्ष 2019 में उसे यौन तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुकदमे की सुनवाई से पहले जेल में उसकी मौत हो गई। उसकी सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल को वर्ष 2021 में यौन शोषण के लिए नाबालिग लड़कियों की तस्करी से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया गया था।
तस्वीरों के बाद फिर तेज हुई राजनीतिक बहस
हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन की तस्वीरों को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, जबकि पुरी पहले अपनी मुलाकातों को पेशेवर बता चुके हैं। अब इस मामले में तस्वीरों और दस्तावेजों के संदर्भ को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। तस्वीरों की मौजूदगी से मुलाकातों की प्रकृति या किसी गलत गतिविधि में संलिप्तता साबित नहीं होती। मामले को समझने के लिए संबंधित दस्तावेजों और सभी पक्षों के बयानों को साथ देखकर आकलन करना जरूरी है।
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