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नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता डॉ. शेख मुस्तफा कमाल का निधन, जम्मू-कश्मीर की राजनीति में शोक की लहर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की राजनीति के वरिष्ठ और चर्चित नेताओं में शामिल नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता डॉ. शेख मुस्तफा कमाल का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने श्रीनगर स्थित पारस अस्पताल में शाम करीब पांच बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से जम्मू-कश्मीर की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। वे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के चाचा तथा नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के छोटे भाई थे।

डॉ. शेख मुस्तफा कमाल लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका उपचार श्रीनगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। मंगलवार शाम उनकी तबीयत अधिक बिगड़ने पर चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर सामने आते ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर फैल गई।

डॉ. मुस्तफा कमाल जम्मू-कश्मीर की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विभिन्न राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा। वे अपने स्पष्ट विचारों और बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते थे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में उनकी अलग पहचान थी और संगठनात्मक मामलों में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता था।

वे जम्मू-कश्मीर के प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से संबंध रखते थे। शेर-ए-कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के परिवार के सदस्य होने के नाते उन्होंने प्रदेश की राजनीति को करीब से देखा और दशकों तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके बड़े भाई डॉ. फारूक अब्दुल्ला और भतीजे उमर अब्दुल्ला ने भी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का नेतृत्व किया है।

डॉ. मुस्तफा कमाल ने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। वे क्षेत्रीय राजनीति, जम्मू-कश्मीर के सामाजिक सरोकारों और पार्टी संगठन से जुड़े मामलों में लगातार सक्रिय रहे। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद विभिन्न दलों के नेताओं के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध सौहार्दपूर्ण माने जाते थे।

उनके निधन की सूचना मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। नेताओं ने उन्हें एक अनुभवी राजनेता बताते हुए जम्मू-कश्मीर की राजनीति में उनके योगदान को याद किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक योगदान को स्मरण किया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं ने कहा कि डॉ. मुस्तफा कमाल का निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पार्टी नेतृत्व ने भी उनके निधन को व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ी क्षति बताया है।

परिवार के सूत्रों के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा जाएगा, जहां पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और आम लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

डॉ. शेख मुस्तफा कमाल के निधन के साथ जम्मू-कश्मीर ने एक ऐसे वरिष्ठ राजनीतिक नेता को खो दिया, जिन्होंने कई दशकों तक प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके अनुभव, स्पष्ट सोच और संगठनात्मक योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से न केवल नेशनल कॉन्फ्रेंस, बल्कि जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक परिदृश्य में भी एक महत्वपूर्ण शून्य पैदा हो गया है।

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