नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला पहले ही गंवा चुकी भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार को सम्मान बचाने के इरादे से अंतिम मुकाबले में मैदान पर उतरी। साउथेम्प्टन के रोज बाउल स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। सीरीज में लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया की कोशिश आखिरी मैच जीतकर हार के अंतर को कम करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की है।
पांच मैचों की इस श्रृंखला में इंग्लैंड ने शुरुआती मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए सीरीज पर पहले ही कब्जा जमा लिया था। भारतीय टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी, जिसका खामियाजा उसे सीरीज गंवाकर भुगतना पड़ा। ऐसे में अंतिम मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी क्षमता साबित करने और भविष्य की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टॉस के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है, इसलिए पहले गेंदबाजी करना टीम के हित में रहेगा। साथ ही लक्ष्य का पीछा करना भी अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गेंदबाज शुरुआती विकेट लेकर इंग्लैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोकेंगे।
भारतीय टीम प्रबंधन ने अंतिम मुकाबले के लिए प्लेइंग इलेवन में दो महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की जगह युवा खिलाड़ी सूर्यांश शेडगे को मौका दिया गया है, जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जगह अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई है। टीम प्रबंधन का मानना है कि इन बदलावों से बल्लेबाजी और संतुलन दोनों में मजबूती मिलेगी।
संजू सैमसन की वापसी को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों की नजरें भी टिकी हुई हैं। सैमसन अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज रन बनाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में अंतिम मुकाबले में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है। वहीं सूर्यांश शेडगे के लिए यह मौका खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है।
दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है और वह जीत के साथ श्रृंखला का समापन करना चाहेगी। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए इंग्लैंड ने पूरी सीरीज में संतुलित क्रिकेट खेली है। उसके बल्लेबाजों ने लगातार बड़े स्कोर बनाए, जबकि गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाए रखा। यही कारण रहा कि मेजबान टीम ने श्रृंखला में स्पष्ट बढ़त हासिल की।
भारतीय बल्लेबाजी इस पूरी सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में असफल रहे, जबकि मध्यक्रम भी दबाव की परिस्थितियों में टीम को संभालने में सफल नहीं हो पाया। गेंदबाजों ने भी कई मौकों पर रन गति पर नियंत्रण नहीं रखा, जिससे इंग्लैंड को बड़े स्कोर बनाने का अवसर मिला।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकाबला केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को परखने के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका का भी आकलन कर रहा है। ऐसे में अंतिम टी20 का प्रदर्शन भविष्य की टीम चयन प्रक्रिया पर भी प्रभाव डाल सकता है।
भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम अंतिम मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत के साथ श्रृंखला का समापन करेगी। यदि बल्लेबाज जिम्मेदारी के साथ खेलते हैं और गेंदबाज शुरुआती सफलता दिलाने में कामयाब रहते हैं तो भारत के पास मैच जीतकर सम्मान बचाने का अच्छा अवसर होगा।
फिलहाल सभी की निगाहें साउथेम्प्टन के रोज बाउल मैदान पर टिकी हैं, जहां टीम इंडिया सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ते हुए जीत के साथ अभियान समाप्त करने के इरादे से मैदान में उतरी है। वहीं इंग्लैंड अपनी शानदार लय को बरकरार रखते हुए घरेलू सरजमीं पर एक और जीत दर्ज कर सीरीज को यादगार बनाने की कोशिश करेगा।
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