नई दिल्ली। कभी उत्तर प्रदेश और बिहार तक सीमित मानी जाने वाली भोजपुरी फिल्म और संगीत इंडस्ट्री आज वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रही है। बदलते दौर में न केवल भोजपुरी सिनेमा के कलाकारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है, बल्कि भोजपुरी गानों का भी दुनिया भर में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भोजपुरी गीत करोड़ों और अरबों व्यूज हासिल कर रहे हैं। यही कारण है कि आज भोजपुरी संगीत भारत ही नहीं, बल्कि नेपाल, मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में पसंद किया जा रहा है।
एक समय था जब भोजपुरी गानों की लोकप्रियता मुख्य रूप से बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड तक सीमित थी। क्षेत्रीय भाषा होने के कारण इसकी पहुंच सीमित मानी जाती थी। लेकिन इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने भोजपुरी संगीत की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आज हर सप्ताह भोजपुरी के नए गाने रिलीज होते हैं और कुछ ही घंटों में लाखों दर्शक उन्हें देख लेते हैं।
भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार पवन सिंह, खेसारी लाल यादव, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, अरविंद अकेला ‘कल्लू’, रितेश पांडेय, गोलू गोल्ड, शिल्पी राज, नेहा राज और अंतरा सिंह प्रियंका जैसे कलाकारों ने अपनी गायकी और अभिनय के दम पर देशभर में मजबूत पहचान बनाई है। इन कलाकारों के नए गानों का दर्शक बेसब्री से इंतजार करते हैं और रिलीज होते ही वे यूट्यूब के ट्रेंडिंग सेक्शन में जगह बना लेते हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म ने भोजपुरी संगीत उद्योग को नई उड़ान दी है। पहले जहां एक गाना ऑडियो कैसेट और सीडी तक सीमित रहता था, वहीं अब यूट्यूब, स्पॉटिफाई, जियोसावन, गाना और अन्य ओटीटी म्यूजिक प्लेटफॉर्म के जरिए यह दुनिया के हर कोने तक पहुंच रहा है। कई भोजपुरी गानों ने 500 मिलियन से लेकर एक अरब से अधिक व्यूज का आंकड़ा भी पार किया है, जो इस इंडस्ट्री की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भोजपुरी संगीत की सफलता के पीछे उसकी लोक संस्कृति, सरल भाषा और देसी अंदाज सबसे बड़ी वजह है। ग्रामीण जीवन, पारिवारिक रिश्तों, प्रेम, त्योहारों और सामाजिक विषयों पर आधारित गीत आम लोगों से सीधे जुड़ जाते हैं। यही कारण है कि भोजपुरी भाषी लोग विदेशों में रहने के बावजूद अपनी मातृभाषा के गीतों से जुड़े रहते हैं।
भोजपुरी इंडस्ट्री का आर्थिक स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। पहले क्षेत्रीय बाजार तक सीमित रहने वाली यह इंडस्ट्री अब करोड़ों रुपये के कारोबार तक पहुंच चुकी है। बड़े म्यूजिक लेबल भोजपुरी गानों में निवेश कर रहे हैं, जबकि यूट्यूब विज्ञापनों, डिजिटल स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से कलाकारों तथा निर्माताओं की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
फिल्मों के साथ-साथ भोजपुरी म्यूजिक वीडियो का बजट भी लगातार बढ़ रहा है। हाई-डेफिनिशन कैमरे, विदेशी लोकेशन, आधुनिक तकनीक और प्रोफेशनल प्रोडक्शन के कारण भोजपुरी गानों की गुणवत्ता पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है। यही वजह है कि अब इन गानों को केवल क्षेत्रीय दर्शक ही नहीं, बल्कि अन्य भाषाओं के लोग भी पसंद कर रहे हैं।
हालांकि लोकप्रियता के साथ भोजपुरी संगीत उद्योग को आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता है। कई बार कुछ गानों में अश्लीलता और आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़े हुए हैं। सामाजिक संगठनों और कई कलाकारों ने समय-समय पर साफ-सुथरे और पारिवारिक मनोरंजन वाले गीतों को बढ़ावा देने की मांग की है। हाल के वर्षों में कई निर्माता और गायक सांस्कृतिक, धार्मिक और पारिवारिक विषयों पर आधारित गीतों के निर्माण पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
भोजपुरी फिल्म उद्योग भी लगातार विस्तार कर रहा है। फिल्मों का निर्माण अब बेहतर तकनीक और बड़े बजट के साथ किया जा रहा है। कई फिल्मों को देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी रिलीज किया जा रहा है। इससे भोजपुरी कलाकारों की लोकप्रियता राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ी है।
मनोरंजन विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में भोजपुरी कंटेंट की मांग और बढ़ सकती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रीय भाषाओं की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और भोजपुरी इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है। यदि गुणवत्ता, विषय-वस्तु और तकनीक पर ध्यान दिया गया तो भोजपुरी इंडस्ट्री भारतीय मनोरंजन जगत में और मजबूत स्थान बना सकती है।
भोजपुरी भाषा बोलने वालों की बड़ी आबादी भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में रहती है। यही कारण है कि विदेशों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लाइव शो में भोजपुरी कलाकारों की मांग लगातार बढ़ रही है। पवन सिंह, खेसारी लाल यादव, निरहुआ और अन्य कलाकार नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति देकर भोजपुरी संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
मनोरंजन जगत के जानकारों का मानना है कि भोजपुरी संगीत का यह बढ़ता वैश्विक प्रभाव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति और भाषा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का भी माध्यम बन रहा है। डिजिटल क्रांति ने भोजपुरी संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है और अब यह उद्योग देश की सबसे तेजी से बढ़ती क्षेत्रीय मनोरंजन इंडस्ट्री में शामिल हो चुका है। आने वाले समय में भोजपुरी गानों और फिल्मों की लोकप्रियता और भी व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।
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