वृंदावन। विश्व प्रसिद्ध राधावल्लभ मंदिर में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब मंदिर परिसर में लगी स्टील की रेलिंग में अचानक करंट दौड़ गया। घटना उस समय हुई जब मंदिर के पट खुलने के बाद सेवायत द्वारा गर्भगृह में परंपरा के अनुसार पर्दा डाला जा रहा था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी रेलिंग के संपर्क में आते ही करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में दौड़े दो अन्य सिपाहियों को भी तेज झटका लगा, जबकि एक सिपाही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। सेवायत नियमित धार्मिक परंपराओं का निर्वहन कर रहे थे और श्रद्धालु दर्शन के लिए कतारबद्ध थे। इसी दौरान अचानक स्टील की रेलिंग में विद्युत प्रवाह होने से वहां मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। करंट लगने के बाद एक सिपाही रेलिंग से चिपक गए। उन्हें छुड़ाने के लिए आगे बढ़े दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी जोरदार झटका लगा, जिससे वे दूर जा गिरे। घटना के दौरान एक सिपाही बेहोश हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही मंदिर प्रशासन, स्थानीय पुलिस और विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई गई और घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और बताया कि सभी घायलों की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बेहोश हुए सिपाही को विशेष चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है।
मंदिर परिसर में करंट फैलने की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं में भी दहशत फैल गई। सुरक्षा की दृष्टि से कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया। बाद में स्थिति सामान्य होने पर प्रशासन की निगरानी में मंदिर की व्यवस्थाओं की पुनः जांच की गई।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी विद्युत तार में तकनीकी खराबी या लीकेज के कारण स्टील की रेलिंग में करंट उतर आया। हालांकि करंट आने का वास्तविक कारण तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। विद्युत विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर वायरिंग, अर्थिंग और अन्य विद्युत उपकरणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पुलिस और जिला प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मंदिर परिसर में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा भी की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
राधावल्लभ मंदिर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर की सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता आवश्यक मानी जाती है। घटना के बाद श्रद्धालुओं ने भी मंदिर प्रशासन से नियमित विद्युत सुरक्षा जांच कराने और सार्वजनिक स्थानों पर लगे उपकरणों का समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित करने की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ को देखते हुए विद्युत सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। नियमित निरीक्षण, उचित अर्थिंग, गुणवत्तापूर्ण वायरिंग और समय पर रखरखाव जैसी व्यवस्थाएं इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
फिलहाल सभी घायल पुलिसकर्मियों का अस्पताल में उपचार जारी है। प्रशासन ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। घटना के कारणों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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