‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दीपके शुक्रवार को सोशल मीडिया पेज बनाने के 7 दिन बाद पहली ऑनलाइन पिटीशन लेकर लाए। जिसमें उन्होंने NEET पेपर लीक मामले में शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की है। दीपके ने X पर वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा- आज हम एक पिटीशन शुरू करने जा रहे हैं। जिसमें शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की है। आप सब लोग ज्यादा से ज्यादा इस पिटीशन पर साइन कीजिए। ताकि सिस्टम की गलती पर सवाल उठ सके। अभिजीत ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ CJI सूर्यकांत की टिप्पणी के विरोध में बनाई है। CJI ने 15 मई को सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगारों को ‘कॉकरोच’ कहा था।
पेरेंट्स नहीं चाहते बेटा राजनीति में जाए, पढ़िए उनका बयान
उधर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पेज के इंस्टाग्राम पर अचानक लोकप्रिय होने से उसके फाउंडर अभिजीत दीपके के माता-पिता बहुत ज्यादा परेशान हो गए हैं। उन्हें डर है कि उनका बेटा किसी मुसीबत में पड़ सकता है। उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है। अभिजीत के पेरेंट्स भगवान और अनीता दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहते हैं। दोनों ने गुरुवार को एक मराठी न्यूज चैनल को बताया- “हम अपने बेटे को राजनीति में नहीं भेजना चाहते थे। अभिजीत के इस कदम के बारे में सुनकर हमारी रातों की नींद उड़ गई है।”
- भगवान ने कहा- आज का माहौल देखकर डर लगना स्वाभाविक है। चाहे उसके कितने भी फॉलोअर्स क्यों न हों। उसने खुद भी भारत लौटने पर गिफ्तार होने का डर जाहिर किया है। वह मशहूर हो गया है, और ऐसे लोगों को अक्सर गिरफ्तार कर लिया जाता है। पिछली दो रातों से मैं इसी चिंता में सो नहीं पाया हूं कि उसके साथ क्या हो सकता है।
- अभिजीत की मां ने कहा- हमें कॉकरोच पार्टी के बारे में अपने एक पड़ोसी से पता चला था। मैं चाहती हूं बेटा राजनीति से दूर रहे। वह AAP के साथ काम कर चुका था। उस समय भी मैंने उससे कहा था कि हमारा राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है और उसे कोई नौकरी कर लेनी चाहिए।
X अकाउंट बंद हुआ तो नया बनाया, इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक होने का आरोप


21 मई को CJP का X अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया था। जब पुराना अकाउंट बंद हुआ, तब 1.93 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय, यानी कॉकरोच मरते नहीं। नए अकाउंट से पहली पोस्ट कल दोपहर 2:29 बजे की गई थी। शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक इसके X पर 1.50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं। अभिजीत ने पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने की कोशिश का आरोप भी लगाया है।
X अकाउंट ब्लॉक होने पर अभिजीत ने कहा- जैसा सोचा, वैसा ही हुआ

CJP ने खुद को राजनीति पार्टी बताया
- CJP अपनी वेबसाइट पर खुद को उन लोगों की राजनीतिक पार्टी बताती है, जिन्हें व्यवस्था ने कभी गिनती में नहीं लिया। वेबसाइट पर लिखा है- पांच मांगें, कोई स्पॉन्सर नहीं, लेकिन बड़ा और जिद्दी झुंड।
- वेबसाइट में मैनिफेस्टो, विजन, एलिजिबिलिटी और कॉन्टैक्ट जैसे सेक्शन भी हैं। खुद को यह आलसी और बेरोजगारों की आवाज भी बताती है। इसका नारा है- ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी।’ इसका लोगो भी बनाया गया था।
- कॉकरोच जनता पार्टी ने पार्टी जॉइन करने के लिए 4 जरूरी योग्यताएं रखी हैं- अनएम्प्लॉइड, लेजी, क्रॉनिकली ऑनलाइन, एबिलिटी टू रैंट प्रोफेशनली।
मैनिफेस्टो में 5 बड़े वादे
- अगर CJP सत्ता में आई, तो किसी भी रिटायर्ड चीफ जस्टिस को राज्यसभा भेजने जैसी “इनाम वाली राजनीति” खत्म कर दी जाएगी।
- किसी भी वैध वोट को डिलीट करने पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ UAPA के तहत कार्रवाई होगी। पार्टी का कहना है कि वोटिंग राइट छीनना लोकतंत्र पर हमला है।
- महिलाओं को सिर्फ 33% नहीं, बल्कि 50% आरक्षण दिया जाएगा। यह आरक्षण संसद से लेकर कैबिनेट तक लागू होगा और इसके लिए सांसदों की संख्या भी नहीं बढ़ाई जाएगी।
- अंबानी और अडाणी समूह से जुड़े सभी मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द करने की बात कही गई है, ताकि “स्वतंत्र मीडिया” को जगह मिल सके। साथ ही कथित ‘गोदी मीडिया’ एंकरों के बैंक अकाउंट्स की जांच कराने का भी वादा किया गया है।
- कोई विधायक या सांसद अगर दलबदल करता है, तो उस पर चुनाव लड़ने से रोक लगाने और अगले 20 साल तक किसी भी पब्लिक ऑफिस का पद न देने की बात कही गई है।

CJI ने कहा था- कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे: 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं पर टिप्पणी की थी। लाइव लॉ के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’ इसके अगले दिन कॉकरोच जनता पार्टी नाम से डिजिटल पहल शुरू हुआ। वहीं CJI ने अपने बयान पर विवाद बढ़ने पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया।
कॉकरोच जनता पार्टी नाम पर ट्रेडमार्क के लिए 3 आवेदन: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम के अधिकार पाने के लिए तीन अलग-अलग ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल किए गए हैं। ट्रेडमार्क रजिस्ट्री पोर्टल पर दाखिल आवेदनों में राजनीतिक और सामाजिक सेवाएं देने वाली श्रेणी के तहत ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन मांगा गया है। ये आवेदन अजीम आदमभाई जम, अखंड स्वरूप और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम की एक प्रोपराइटरशिप फर्म की ओर से दाखिल किए गए हैं। इन व्यक्तियों के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।
अभिजीत अमेरिका में पढ़ रहे, AAP में काम कर चुके

30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं।
कॉकरोच ड्रेस में सफाई अभियान
दिल्ली में कुछ लोग कॉकरोच की पोशाक पहनकर यमुना किनारे सफाई करते नजर आए। समर्थकों का कहना है कि यह आंदोलन फिलहाल चुनाव लड़ने से ज्यादा युवाओं के बीच राजनीतिक जागरूकता फैलाने पर केंद्रित है।

क्यों युवाओं को पसंद आ रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी
1. सोशल मीडिया पर यूथ कनेक्शन
- कॉकरोच जनता पार्टी का कंटेंट खास तौर पर युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया। पार्टी ने ‘वन इमोजी चैलेंज’ चलाया, जिसमें लोगों से अपने सोशल मीडिया बायो में कॉकरोच इमोजी लगाने की अपील की गई।
- फॉलोअर्स के साथ मिलकर रील्स और पोस्ट बनाई गईं। #CockroachJantaParty तेजी से ट्रेंड हुआ और इस पर लाखों पोस्ट शेयर होने लगे। लॉन्च के बाद कई पत्रकारों, इन्फ्लुएंसर्स, नेताओं और युवाओं ने भी इसे सोशल मीडिया पर प्रमोट किया। पार्टी फाउंडर अभिजीत ने कई मीडिया इंटरव्यू देकर इसकी चर्चा और बढ़ाई।
2. सही समय पर एंट्री
- CJP ऐसे वक्त में सामने आई, जब NEET पेपर लीक, महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर युवाओं में नाराजगी थी।
- अभिजीत ने एक इंटरव्यू में बताया कि CJI की कॉकरोच वाली टिप्पणी के बाद उन्होंने X पर सवाल पूछा था कि अगर सारे कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा। इस पर युवाओं से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और वहीं से CJP बनाने का आइडिया आया।
3. बेरोजगारी से बढ़ता गुस्सा
- देश में पढ़े-लिखे युवाओं के बीच बेरोजगारी बड़ा मुद्दा बनी हुई है। NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर दिन औसतन 40 छात्र आत्महत्या करते हैं।
- भारत में हर साल 80 लाख लोग ग्रेजुएट होते हैं। 15 से 29 साल के 40% और 25 से 29 साल के 20% ग्रेजुएट बेरोजगार हैं। ये आंकड़े अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की ‘स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया रिपोर्ट-2026’ के हैं।
- मेटा, अमेजन जैसी बड़ी कंपनियां लोगों को नौकरी से निकाल रही हैं। मार्च में ओरेकल ने 30 हजार कर्मचारियों को निकाला था, जिनमें से 12 हजार भारतीय थे।
CJP असली पार्टी बनकर बड़ा बदलाव ला पाएगी?
CJP फिलहाल कोई ऑफिशियली रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टी या ऑर्गेनाइजेशन नहीं है। औपचारिक चुनावी राजनीति के लिए CJP को चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। अभिजीत के बयानों से ऐसा लगता है कि फिलहाल उनका इरादा औपचारिक राजनीतिक दल बनाने का नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों को लेकर सरकार के खिलाफ एक्टिविज्म जारी रखने का है।
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