फतेहपुर। डॉ. भीमराव आंबेडकर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव के संरक्षण में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘विकसित भारत, डिजिटल भारत’ विषय पर रंगोली बनाई गई। छात्राओं ने प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करते हुए रंगोली के माध्यम से भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी और डिजिटल क्षेत्र में बढ़ती उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
रंगोली में इसरो जैसी संस्थाओं की प्रगति और यूपीआई के माध्यम से वित्तीय क्षेत्र में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाते हुए विकसित भारत का संदेश दिया गया। रंगोली की उत्कृष्ट प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा और छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
रंगोली निर्माण में उमरा इश्तियाक, नेहल, साक्षी शर्मा, स्मिता सोनी, खुशी, प्रीति, अरबिया, अमीषा गुप्ता, आकाशी अग्निहोत्री तथा शिवांशी ने प्रमुख रूप से प्रतिभाग किया। छात्राओं को प्रो. शकुंतला, डॉ. चारु मिश्रा, डॉ. बृजेश पाल और डॉ. प्रगति द्विवेदी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं के साथ महाविद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
तुलसीदास की प्रासंगिकता पर अतिथि व्याख्यान
महाविद्यालय में वर्तमान संदर्भ एवं तुलसीदास विषय पर अतिथि व्याख्यान का भी आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता गुजरात के बेचाराजी-मेहसाणा स्थित सरकारी विनयन (आर्ट्स) कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार मानस ने आधुनिकता के विभिन्न सोपानों को क्रमबद्ध ढंग से समझाया। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास के साहित्यिक योगदान और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
डॉ. मानस ने तुलसीदास के विचारों और साहित्य को समकालीन संदर्भों से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तुलसीदास के साहित्यिक विचार आज भी समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव ने की, जबकि संयोजन डॉ. अमित कुमार तिवारी और डॉ. बृजेश कुमार पाल ने किया। व्याख्यान में महाविद्यालय के प्राध्यापकों के साथ विभिन्न संकायों के विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।
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