मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले चार दिनों से जारी भारी वर्षा के कारण सड़क, रेल और हवाई सेवाओं पर असर पड़ा है, जबकि कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हाल ही में आम जनता के लिए खोले गए बहुप्रतीक्षित ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सुरंग में पानी का रिसाव शुरू होने की खबर ने प्रशासन और इंजीनियरिंग एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
बताया जा रहा है कि अत्याधुनिक तकनीक से तैयार इस परियोजना की एक प्रमुख सुरंग के भीतर बारिश के दौरान कई स्थानों से पानी रिसता हुआ दिखाई दिया। सुरंग में रिसाव का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। हालांकि संबंधित एजेंसियों का कहना है कि मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून इस बार पूरी रफ्तार में है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया है। यातायात की गति धीमी हो गई है और कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपनगरीय रेल सेवाएं भी कुछ स्थानों पर प्रभावित हुई हैं, जबकि कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं।
इसी दौरान मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ एक बार फिर चर्चा में आ गया। यह परियोजना लंबे समय से निर्माणाधीन थी और इसे आधुनिक इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। हाल ही में इसका एक हिस्सा आम लोगों के लिए खोला गया था ताकि दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम हो सके और दुर्घटनाओं की संभावना भी घटे। लेकिन भारी बारिश के बीच सुरंग में पानी के रिसाव की घटना ने परियोजना की मजबूती और रखरखाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरंग की दीवारों और छत के कुछ हिस्सों से तेज़ी से पानी टपकता हुआ दिखाई दिया। कुछ स्थानों पर पानी की धार भी नजर आई, जिससे वाहन चालकों में असहजता का माहौल बन गया। हालांकि सुरंग के भीतर यातायात पूरी तरह बंद नहीं किया गया, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने निगरानी बढ़ा दी और तकनीकी टीमों को मौके पर भेजा।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बनी लंबी सुरंगों में अत्यधिक वर्षा के दौरान सीमित मात्रा में पानी का रिसाव असामान्य नहीं माना जाता। ऐसे निर्माणों में जल निकासी और ड्रेनेज सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि यदि रिसाव अधिक मात्रा में हो या संरचना की मजबूती पर असर डालने लगे, तो विस्तृत तकनीकी जांच आवश्यक हो जाती है। इसलिए वास्तविक स्थिति का आकलन इंजीनियरिंग परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सुरंग की नियमित निगरानी की जा रही है। इंजीनियरों की टीम रिसाव वाले स्थानों का निरीक्षण कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि पानी केवल प्राकृतिक जल दबाव के कारण रिस रहा है या किसी तकनीकी कारण से। यदि आवश्यकता पड़ी तो तत्काल मरम्मत और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण राजमार्गों में से एक है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना का उद्देश्य पुराने घाट मार्ग की कठिनाइयों को कम करना, यात्रा का समय घटाना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है। इस परियोजना में आधुनिक सुरंगें, पुल और उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है। इसलिए इसके किसी भी हिस्से में सामने आने वाली तकनीकी चुनौती को गंभीरता से लिया जा रहा है।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने भी मुंबई और आसपास के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम संबंधी आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन दल, पुलिस और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर सुरंग में पानी रिसने के वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। वहीं कुछ इंजीनियरों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तकनीकी जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि केवल वीडियो के आधार पर संरचना की मजबूती का आकलन नहीं किया जा सकता।
राज्य सरकार और संबंधित निर्माण एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यदि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी कमी सामने आती है तो तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही सुरंग और पूरे मार्ग की नियमित निगरानी जारी रहेगी ताकि मानसून के दौरान यातायात सुरक्षित और सुचारु बना रहे।
मुंबई में जारी भारी बारिश और ‘मिसिंग लिंक’ सुरंग में सामने आए पानी के रिसाव ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निर्माण के साथ-साथ नियमित रखरखाव और तकनीकी निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि यह केवल अत्यधिक वर्षा का प्रभाव है या फिर किसी तकनीकी सुधार की आवश्यकता है
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